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बाबा साहेब ने ही की थी जाति विहीन समाज की कल्पना

3 वर्ष पहले
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बाबा साहेब का जीवन संघर्षपूर्ण रहा। बचपन से बैरिस्टर बनने तक और इसके बाद जो विचार उन्होंने दिए, उन्हें लेकर भी वे संघर्षशील रहे। महान व्यक्तित्व के धनी डॉ. अांबेडकर ने जाति विहीन समाज की कल्पना की थी। इसी तर्ज पर रतलाम में चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा अहिंसा ग्राम की स्थापना की गई है।

यह बात राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष व शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अांबेडकर समाज चेतना समिति के तत्वावधान में आयोजित विचार गोष्ठी में कही। गोशाला रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर में आयोजित गोष्ठी में काश्यप ने कहा बाबा साहेब के समय काल में ही मोहम्मद अली जिन्ना भी थे, लेकिन जिन्ना ने देश को तोड़ने का काम किया और डॉ. अांबेडकर ने जोड़ने का। देश की आजादी के बाद दुर्भाग्य से बाबा साहेब सहित कई महापुरुषों को यथोचित सम्मान नहीं मिल पाया। भाजपा के सहयोग से बनी वीपी सिंह सरकार ने बाबा साहेब को भारत र| से अलंकृत किया और भाजपा ने बाद में उनकी कई धरोहरों एवं स्मृतियों को सहेजा। उन्होंने कहा बाबा साहब ने संविधान में वंचित वर्गों को अवसर देने की बात लिखी और उसके अनुसार ही जातियों व क्षेत्रों को अधिसूचित कर उन्हें विकास के अवसर दिए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना का विचार भी उन्हीं का था। बाबा साहेब ने स्वतंत्रता से पूर्व श्रमिकों के लिए 12 घंटे के बजाए 8 घंटे का काम निश्चित कराया। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ को अलग करने का विचार भी उन्होंने सालों पहले ही दिया था। वे सही मायनों में गरीब, शोषित और वंचित लोगों को अवसर देने के पक्षधर थे। सामाजिक समरसता का उनका भाव आज भी सर्वाधिक प्रासंगिक है। भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मौर्य ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को विस्तार से बताया। अभिभाषक रामस्वरूप गुर्जर, अजाक्स के जिलाध्यक्ष वासुदेव मईडा, ऑल इंडिया एससी एसटी रेलवे एम्पलाइज एसोसिएशन के सीएल वर्मा व पीएन वर्मा ने भी सं‍बोधित किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष मधु पटेल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया के माध्यम से देश में वर्गवाद और जातिवाद फैलाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। देशवासियों को सजग रहकर इसका मुकाबला करना होगा। बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से देश की एकता और अखंडता के जो भाव व्यक्त किए है, वे तभी कारगर होंगे। भाजपा जिला महामंत्री मनोहर पोरवाल, पार्षद प्रेम उपाध्याय, ताराचंद पंचोनिया, बाबूलाल बाजेड़ा आदि मंचासीन थे। स्वागत समिति के मदनलाल सूर्यवंशी, दिनेश पडियार, बाबूलाल मालवीय, जगदीश हरारिया, सुदीप पटेल, जगदीश सूर्यवंशी, माणकलाल कुरवारा, प्रभुलाल सोलंकी, राकेश झड़गामा आदि ने किया। संचालन बाबूलाल मालवीय ने किया। आभार हीरालाल परमार ने माना।

गोशाला रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर में आयोजित विचार गोष्ठी में विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए शहर विधायक चेतन्य काश्यप।

भास्कर संवाददाता | रतलाम

बाबा साहेब का जीवन संघर्षपूर्ण रहा। बचपन से बैरिस्टर बनने तक और इसके बाद जो विचार उन्होंने दिए, उन्हें लेकर भी वे संघर्षशील रहे। महान व्यक्तित्व के धनी डॉ. अांबेडकर ने जाति विहीन समाज की कल्पना की थी। इसी तर्ज पर रतलाम में चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा अहिंसा ग्राम की स्थापना की गई है।

यह बात राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष व शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अांबेडकर समाज चेतना समिति के तत्वावधान में आयोजित विचार गोष्ठी में कही। गोशाला रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर में आयोजित गोष्ठी में काश्यप ने कहा बाबा साहेब के समय काल में ही मोहम्मद अली जिन्ना भी थे, लेकिन जिन्ना ने देश को तोड़ने का काम किया और डॉ. अांबेडकर ने जोड़ने का। देश की आजादी के बाद दुर्भाग्य से बाबा साहेब सहित कई महापुरुषों को यथोचित सम्मान नहीं मिल पाया। भाजपा के सहयोग से बनी वीपी सिंह सरकार ने बाबा साहेब को भारत र| से अलंकृत किया और भाजपा ने बाद में उनकी कई धरोहरों एवं स्मृतियों को सहेजा। उन्होंने कहा बाबा साहब ने संविधान में वंचित वर्गों को अवसर देने की बात लिखी और उसके अनुसार ही जातियों व क्षेत्रों को अधिसूचित कर उन्हें विकास के अवसर दिए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना का विचार भी उन्हीं का था। बाबा साहेब ने स्वतंत्रता से पूर्व श्रमिकों के लिए 12 घंटे के बजाए 8 घंटे का काम निश्चित कराया। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ को अलग करने का विचार भी उन्होंने सालों पहले ही दिया था। वे सही मायनों में गरीब, शोषित और वंचित लोगों को अवसर देने के पक्षधर थे। सामाजिक समरसता का उनका भाव आज भी सर्वाधिक प्रासंगिक है। भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मौर्य ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को विस्तार से बताया। अभिभाषक रामस्वरूप गुर्जर, अजाक्स के जिलाध्यक्ष वासुदेव मईडा, ऑल इंडिया एससी एसटी रेलवे एम्पलाइज एसोसिएशन के सीएल वर्मा व पीएन वर्मा ने भी सं‍बोधित किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष मधु पटेल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया के माध्यम से देश में वर्गवाद और जातिवाद फैलाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। देशवासियों को सजग रहकर इसका मुकाबला करना होगा। बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से देश की एकता और अखंडता के जो भाव व्यक्त किए है, वे तभी कारगर होंगे। भाजपा जिला महामंत्री मनोहर पोरवाल, पार्षद प्रेम उपाध्याय, ताराचंद पंचोनिया, बाबूलाल बाजेड़ा आदि मंचासीन थे। स्वागत समिति के मदनलाल सूर्यवंशी, दिनेश पडियार, बाबूलाल मालवीय, जगदीश हरारिया, सुदीप पटेल, जगदीश सूर्यवंशी, माणकलाल कुरवारा, प्रभुलाल सोलंकी, राकेश झड़गामा आदि ने किया। संचालन बाबूलाल मालवीय ने किया। आभार हीरालाल परमार ने माना।

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