बाल विवाह पकड़ाया तो प्रिंटिंग प्रेस से लेकर पंडित तक पर होगी कार्रवाई
अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को जिले में होने वाले सामूहिक सम्मेलनों के लिए विभिन्न समाजों व संगठनों के साथ ही प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सामूहिक विवाह सम्मेलन की आड़ में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए उड़नदस्तों का गठन किया है। ये उड़नदस्ते सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर-वधू की मार्कशीट जांचेंगे। साथ ही उम्र कम होने पर पत्रिका छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस से लेकर पंडित तक पर कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में शुक्रवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने उड़नदस्तों का गठन किया। उड़नदस्तों का गठन प्रत्येक तहसील पर किया है। इनमें संबंधित तहसीलदारों के अलावा, संबंधित थाना प्रभारी, बाल विकास सेवाओं के परियोजना अधिकारी, खंड स्तरीय महिला सशक्तिकरण अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा सेक्टर पर्यवेक्षक शामिल हैं। महिला सशक्तिकरण अधिकारी आरके मिश्रा ने बताया गठित उड़नदस्ते अपने क्षेत्र में होने वाले सामूहिक विवाहों में वर-वधुओं की आयु प्रमाण-पत्र की जांच करेंगे। किसी भी स्थिति में वर की आयु 21 वर्ष से कम तथा वधू की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होने चाहिए। यदि ऐसा मिलता है तो वैधानिक कार्रवाई भी करेंगे। बाल विवाह करने वालों के साथ ही प्रोत्साहित करने वाले जैसे बाराती, गार्डन मालिक, टेंट हाउस, खाना बनाने वाले रसोइया, केटरर, काजी, पंडित व पत्रिका छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के मालिक पर भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए एसडीएम से अनुमति लेना होगी।
बाल विवाह के बारे में सूचित करें, नाम गोपनीय रखेंगे
बाल विवाह अवरोध अधिनियम 2006 के तहत यह एक संज्ञेय अपराध है जिसमें दो वर्ष का सश्रम कारावास या 1 लाख रुपए जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह की सूचना फोन- 234089 या कार्यालय जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी, 151/1 सोलंकी निवास, मरीमाता चौराहा, हाट की चौकी, जिला रतलाम पर पत्र द्वारा एवं टोल फ्री चाइल्ड हेल्प लाइन नं 1098 व महिला हेल्प लाइन नं. 1090 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। आरके मिश्रा, महिला सशक्तिकरण अधिकारी