भगवान भी संसार का पालन करने के लिए शक्ति का चिंतन करते हैं। हमें भी अपने परिवार का पालन करने के लिए शक्ति की आराधना करना चाहिए। शक्ति की आराधना सर्व मांगल्य का मूल है। मां भगवती का चिंतन ही हमारे सभी कष्टों का निवारण करती है। उनकी कथा सुनने मात्र से जीवन की कई गुत्थियां सुलझने लगती हैं। ऐसी कोई समस्या और संकट नहीं जिसका कथा में समाधान नहीं मिलता। इसलिए देवी भागवत कथा हमारे लिए कल्पवृक्ष है।
यह बात महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वतीजी ने श्रीमद् देवी भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को कही। कालिकामाता गरबा प्रांगण में उन्होंने कहा कथा में घूमने से संपत्ति और प|ी नष्ट होती है।
कालिकामाता मंदिर परिसर में कथा का वाचन करते हुए स्वामी चिदंबरानंदजी और उपस्थित श्रद्धालु।
स्वामी चिदंबरानंद का किया सम्मान
श्रीहरिहर सेवा समिति एवं भट्ट परिवार ने श्रीमद् देवी भागवत कथा के दूसरे सत्र में भागवत धाम अहमदाबाद के भागवत शास्त्री, अवतारसिंह दल्ला मौजूद थे। उन्होंने स्वामीजी का सम्मान किया। आयोजक मोहनलाल भट्ट, श्यामा भट्ट, रमेश शर्मा, रमेश राठी, दीपक पुरोहित आदि ने पोथी पूजन किया। संचालन सुनील भट्ट ने किया।