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भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के खिलाफ प्रमाण देकर युवाओं को बताया-व्यवस्था दुरुस्त करना जरूरी

3 वर्ष पहले
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प्रदेश में उच्च शिक्षा में लगातार हो रहे घोटाले, भ्रष्टाचार व गड़बडिय़ों के खिलाफ विद्यार्थियों व शिक्षकों में चेतना जगाने के लिए निकाली जा रही संवाद क्रांति यात्रा शनिवार को रतलाम पहुंची। यात्रा संयोजक सामाजिक कार्यकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट पंकज प्रजापति ने शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय, शासकीय कन्या महाविद्यालय, आलोट व जावरा के महाविद्यालय में विद्यार्थियों, प्रोफेसरों व लोगों से सीधा संवाद कर भ्रष्टाचार व गड़बडिय़ों के खिलाफ लिखित प्रमाण देकर युवाओं को बताया कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना जरूरी है।

प्रजापति ने प्रदेश में घोटालों के प्रमाण प्रस्तुत करते हुए प्रोफेसरों व विद्यार्थियों को संवाद क्रांति की किताब दी जिसमें पीएससी घोटाले से लेकर छात्रवृत्ति और कुलपति नियुक्ति घोटाले को उजागर करते हुए दस्तावेज है। उन्होंने कहा शिक्षा में सुधार करना है तो भ्रष्टाचारियों को सिस्टम से बाहर करना होगा। सरकार और जिम्मेदार गड़बड़ी में भागीदारी बन रहे हैं। ऐसे में जनता की जागरूकता ही सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर करेगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैने आरटीआई व अन्य तरीकों से घोटाले व गड़बडिय़ों को उजागर भी किया लेकिन शासन और सरकार का तंत्र कार्रवाई की बजाए दोषियों को बचाने में जुट गया। प्रजापति ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिये सरकार ने करीब 25 साल बाद प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में 385 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया की। इससे 242 लोगों को सीधे प्रोफेसर बनाया । आधे से ज्यादा ऐसे लोगों को नियुक्ति दे दी जो न्यूनतम योग्यता पर भी खरे नहीं उतरते। फर्जी योग्यता प्रमाण पत्रों व तीन संतानों वालों को भी नौकरी दे दी। इस प्रक्रिया के खिलाफ न्यायालय की शरण ली है। प्रजापति ने शासकीय कला व विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय वाते, कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीना हरित से शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की।

बच्चों ने प्रजापति से यह सवाल पूछे

हमारे देश से अगर भ्रष्टाचार मिट जाता है तो इसका क्या फायदा होगा।

- आज जो शैली बिगड़ी हुई है वह भ्रष्टाचार के कारण है। अनुभव वाले व पात्र शिक्षक महाविद्यालय में आएंगे तो इसका फायदा हमें मिलेगा। यदि डिग्री फर्जी है तो वह कक्षा में आने से डरेंगे कि कोई हमसे ऐसा वैसा प्रश्न ना पूछ लें। भ्रष्टाचार खत्म होगा तो प्रदेश ही नहीं देश की शैली बेहतर होगी।

घोटालों का हम पर असर होगा क्या?

- यदि कोई घोटाला होता है तो ऊपर से नीचे तक उसका प्रभाव होता है। हमारे साथ भी यहीं होगा इसलिए व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है। सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है जबकि इन्हें संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

पेपर में पढ़ते हैं किस तरह भ्रष्टाचार हो रहा है, सरकार कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती ?

- हम खुद इस मामले को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक जा चुके हैं। कोर्ट के माध्यम से सरकार को आदेशित करवाने का प्रयास करते है। हमें कानून का सहारा लेना ही होगा।

गड़बड़ियां बताते आरटीआई एक्टिविस्ट पंकज प्रजापति ।

प्रमाणों के साथ पुस्तक में यह आरोप लगाए

मप्र लोक सेवा आयोग पीएससी भर्ती चयन में घोटाला प्रोफेसर नियुक्ति घोटाला क्रॉस कैडर प्रमोशन उच्च शिक्षा घोटाला दलित पिछड़ों के नाम से निकाला पैसा शिक्षा माफिया की जेब में। विव के ताज में भ्रष्टाचार प्राइवेट स्कूल बने माफिया आदि।

10 जिलों में कर रहे यात्रा

प्रजापति ने प्रदेश की भ्रष्ट और अयोग्य शिक्षा व्यवस्था के लिखित प्रमाण के साथ प्रदेश के युवाओं में क्रांति फैलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सारी जानकारी आरटीआई के तहत संबंधित विभागों से निकालकर गड़बडिय़ां उजागर की है। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को युवाओं के भविष्य पर हमला करार दिया है। प्रजापति ने बताया वर्ष 2009 में हुई प्रोफेसरों की भर्ती पर उन्होंने न्यायालय में याचिका लगाई। न्यायालय में गड़बड़ी भी साबित हो गई। बावजूद उच्च शिक्षा विभाग ने अयोग्य होने के बाद भी भर्ती किए गए इन प्रोफेसरों को स्थाई कर प्रमोशन दे दिया। पीएससी के आयोग सदस्य और अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए अयोग्य लोगों को बैठाने की बात भी कही।

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