शनिवार रात 12.30 बजे शहर में पहली बार पेड़ ट्रांसप्लांटेशन किया गया। बाजना बस स्टैंड से 30 फीट तक ऊंचे दो पेड़ (पीपल व नीम) के पेड़ को अमृत सागर तालाब किनारे लगाया। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे तीन पेड़ हवा से गिर गए थे। दो पेड़ों का ट्रांसप्लांट इंदौर के पर्यावरणविद् प्रेम जोशी, बेटी रिमझिम जोशी और जन अभियान परिषद के जिला उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार ने किया। रात 11 बजे बाजना बस स्टैंड से पीपल का पहला पेड़ क्रेन से ले जाया गया। तालाब किनारे पहले से खोदे गए 8 फीट गहरे गड्ढे में रात 12.30 बजे पीपल का पेड़ लगा दिया गया। पेड़ की सुरक्षा के लिए हार्मोंस और एंटी फंगल दवाई डाली गई। साथ ही बाजना बस स्टैंड से लाई गई मिट्टी भी डाली गई। पेड़ को बारिश शुरू होने तक रोज पानी दिया जाएगा।
एक
नजर
बाजना बस स्टैंड से पीपल के पेड़ को क्रेन से बांधा।
395 पेड़ हैं बाजना बस स्टैंड से वरोठ माता मंदिर तक बनने वाले फोरलेन के दोनों तरफ
रात 11:00
रात 11:30
पीपल का पेड़ लेकर क्रेन न्यू बाजना बस स्टैंड रोड से होकर निकला।
200 पेड़ पीपल, नीम के हैं, जिन्हें बचाया जाना है
45 पेड़ रेलवे पुलिया तक नीम, पीपल के हैं जिन्हें पहले चरण में ट्रांसप्लांट किया जाएगा
रात 12:30
पहले पीपल के पेड़ का ट्रांसप्लांटेशन हुआ। फोटो | ओपी मेहता
13 लोग पेड़ ट्रांसप्लांट के लिए अब तक आगे आ चुके हैं।