नामली | अमूल्य मानव जीवन मिला है, यह खाने- पीने, घूमने, एेशो-आराम में व्यर्थ न चला जाए। जीवन का सदुपयोग करे, प्रभु के बताए मार्ग पर चलकर मानवता, धर्म-कर्म, अहिंसा, पूजा-अर्चना, प्रवचन, प्रतिक्रमण में लगाकर जीवन को श्रेष्ठ बनाए। उक्त उद्गार दो दिवसीय धर्म शिविर का शुभारंभ करने रतलाम से नामली पहुंची साध्वी दिव्य गिरा श्रीजी म.सा. ने दादावाड़ी गुरू मंदिर पर आयोजित धर्मसभा में कहे। साध्वी श्रीजी ने कहा कि यदि आप धार्मिक क्रियाओं में लगे है। सेवा, पूजा, तपस्या, प्रवचन में शामिल है तो बच्चों में भी यहीं संस्कार डाले। प्रवचन पश्चात मुकेश चत्तर परिवार द्वारा प्रभावना का वितरण किया गया।