भावांतर योजना में प्याज की बंपर आवक और समर्थन मूल्य पर हो रही चने की खरीदी को देखते हुए कलेक्टर ने शुक्रवार को अनाज मंडी का दो बार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुबह जो निर्देश दिए थे, शाम को उन पर अमल नहीं होने पर अधिकारियों पर नाराजी जताई। यह पहला मौका है जब कलेक्टर ने एक ही दिन में मंडी का दो बार निरीक्षण किया।
भावांतर में तीन दिन पहले प्याज की खरीदी शुरू हुई। प्याज-लहसुन मंडी में प्याज की बंपर आवक है। मंडी में जगह नहीं होने से किसानों की ट्रॉलियों को अनाज मंडी में खड़ा करवाया जा रहा है। टोकन देकर ट्रॉलियों को प्याज एवं लहसुन मंडी में नीलामी के लिए भेजा जा रहा है। भावांतर में प्याज और समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी को देखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान सुबह अनाज मंडी पहुंचीं और व्यवस्थाएं देखीं। मिट्टी परीक्षण लैब के पास शेड में व्यापारी का माल देखकर हटाने के निर्देश मंडी सचिव एम. एल. बारसे को दिए। इसके बाद नगरा और नामली सोसायटियों द्वारा की जा रही केंद्रों पर खरीदी का निरीक्षण किया। शाम 7.30 बजे कलेक्टर फिर मंडी पहुंची। मिट्टी परीक्षण केंद्र के पास शेड में माल देखा तो सचिव पर नाराजी जताई। इसके बाद नामली तथा नगरा खरीदी केंद्र पर तौल कांटे नहीं बढ़ने पर नाराज हो गईं। नगरा के मैनेजर होशियारसिंह और नामली सोसायटी के मैनेजर सुनील शर्मा से बोली आपको व्यवस्था करने का बोला था लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई। कांटे बढ़ाए जाए। किसी भी स्थिति में मुझे सही व्यवस्था चाहिए। नहीं तो मजबूरी में आपके खिलाफ एक्शन लेना पड़ेगा।
निरीक्षण
कलेक्टर अधिकारियों से बोली- अब एक्शन लेना पड़ेगा
प्याज की रिकॉर्ड आवक, 18250 कट्टे की नीलामी
भावांतर योजना शुरू होने के साथ ही प्याज की आवक लगातार बढ़ रही है। गुरुवार को 16,950 कट्टों की नीलामी की गई। वहीं शुक्रवार को 18,250 कट्टों की नीलामी की। सब्जी मंडी प्रभारी राजेंद्र व्यास ने बताया तीन दिन से लगातार आवक बढ़ रही है। हमारा यही प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा कट्टों की नीलामी की जाए ताकि किसानों को परेशानी ना हो।