रतलाम | महक कला साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच ने रुक्मिणी बाई सोलंकी की स्मृति में प्रतिभा सम्मान का आयोजन किया। संस्थापक मोड़ीराम सोलंकी ने बताया कन्या पूजन कर बेटियों का सम्मान किया। अध्यक्षता हास्य कवि धमचक मुलथानी ने करते हुए कहा बेटियां भारतीय संस्कृति की धरोहर हैं। अतिथि श्याम यादव थे। संस्थापक मोड़ीराम सोलंकी ने कहा बेटियों को सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए। बेटियां घर की शान हैं। आयोजन में साहित्य के क्षेत्र में निहारिका व्यास, सामाजिक क्षेत्र में दिव्या चौहान, रंगाेली में पूजा पालीवाल, शिक्षा के क्षेत्र में नंदनी पालीवाल, संगीत के क्षेत्र में नंदनी देवड़ा, कला व गायन के क्षेत्र में हंसिका भाटिया का सम्मान किया। बेटियों के सम्मान में काव्य संध्या हुई। इसमें स्नेहलता धाकड़ ने कहा दुर्गा के रूप में जन्म लेती हैं बेेटियां, फिर क्यों इन्हें मार देती हैं रूढ़ियां, एकांत सोलंकी ने कहा जब हम चिंतन करते हैं तब राष्ट्र सामने होता है, जब नेता चिंतन करता है तो भ्रष्टाचार, निजी स्वार्थ सामने होता है। सुरेश माथुर, प्रकाश हेमावत, अकरम शेरानी, लक्ष्मण पाठक, आजाद भारती, अशोक अग्रवाल, राजेश रावल आदि ने भी काव्य पाठ किया। आभार हरीश यादव ने माना।