रतलाम | स्वामी बुद्धदेवजी भक्त मंडल धार्मिक ट्रस्ट द्वारा टाटा नगर स्थित बुद्घेश्वर आश्रम गोपाल सत्संग हॉल में पुरुषोत्तम मास की महिमा-सत्संग कथा का विश्राम हुआ। विश्राम अवसर पर प्रवचन एवं कथा वाचक भागवत ऋषि का सम्मान किया गया। भागवत ऋषि ने कहा धर्म हमारा शुद्घ और पवित्र होना चाहिए। यदि अपवित्र धन घर में आएगा तो अशांति रहेगी। संपत्ति की चाह में बच्चों का जीवन बर्बाद नहीं करें। धर्म को मानना अलग बात है जानना अलग बात है उसमें जीना अलग बात है। सभी ग्रंथों का एक ही सार है हमारे अंदर की शुद्धि हो। हमें बच्चों को सिखाने की जरूरत नहीं बच्चों के माध्यम से हमें सीखना जरूरी है। बच्चे अंदर से भी वही है जो बाहर से हैं हमें भी बच्चों की तरह अंदर बाहर से एक समान होना चाहिए। हम जो बच्चों को सिखाते हैं वह उनके जीवन में आने वाला नहीं है हमें अपने आचरण से बच्चों को शिक्षा देनी चाहिए। संत सम्मान अध्यक्ष चैतन्य कुमार झालानी, शोभा झालानी, अवतार सिंह, त्रिलोक झालानी, महेंद्रसिंह सिसोदिया, कैलाश प्रजापति, मधु योगेश धारिया, राकेश मोदी, मधुबाला सोनी आदि ने किया।