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क्रिकेट की पिच पर लगाइए अब कामयाब भविष्य का शॉट

3 वर्ष पहले
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श में इन दिनों आईपीएल चल रहा है। क्रिकेटर और क्रिकेट प्रेमियों के अलावा युवाओं के उस बड़े समूह को यह स्पोर्ट्स लुभाता है जो इंजीनियरिंग, मेडिकल से अलग खेल की दुनिया में अपने हुनर को आजमाना चाहते हैं। पूर्व क्रिकेटर कपिल देव की राय में क्रिकेट अब एक कॅरिअर ऑप्शन है। जहां एक युवा क्रिकेटर 40 दिन खेलकर 10 करोड़ तक की राशि कमा सकता है। कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप और मीडिया ने तो क्रिकेट के बाजार को मजबूती दी ही है। आईपीएल और टी-20 फॉर्मेट ने भी इस खेल में बेहतरीन अवसर पैदा कर दिए हैं। पूर्व क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग के मुताबिक ग्लैमर से भरपूर इंडियन प्रीमियर लीग ने नए खिलाड़ियों को टॉप पर पहुंचाने का रास्ता तैयार कर दिया है। रविन्द्र जड़ेजा, मोहम्मद सिराज जैसे कई नाम हैं, जो इसकी पुष्टि करते हैं। यही वजह है कि हर साल हजारों युवा क्रिकेट एकेडमी जाॅइन कर रहे हैं, लेकिन क्रिकेट एकेडमी के जरिए अंडर 16, अंडर 19, आईसीएल, आईपीएल, रणजी ट्रॉफी और नेशनल टीम में जगह बनाना किसी खिलाड़ी के लिए बेहद चुनौती भरा होता है। ऐसे में रणजी व आईपीएल खेल चुके पांच खिलाड़ियों ने क्रिकेट में कॅरिअर से जुड़े अवसरों के लिए अपनी सलाहें साझा की हैं।

क्रिकेटर बनने के लिए जरूरी स्किल्स

एक खिलाड़ी को क्रिकेट के नियम, हिस्ट्री व संगठनों के बारे में पता होना चाहिए। बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग के अलावा उसमें कड़ी मेहनत, टीम वर्क, अनुशासन, सीखने की ललक, चुनौती को अवसर में बदलने की कला व उत्साह का होना जरूरी है।

बेस्ट क्रिकेट एकेडमीज

कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट, नेशनल स्कूल ऑफ क्रिकेट, मदनलाल क्रिकेट एकेडमी, सहवाग क्रिकेट एकेडमी, मेड ईजी क्रिकेट एकेडमी, दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन।

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खेल के अलावा भी हैं ऑप्शन

पूर्व रणजी कप्तान रोहित झालानी की राय में जिस तरह इंजीनियर, आईएएस, बनने के लिए दमदार तैयारी जरूरी होती है, उसी तरह क्रिकेट में कॅरिअर के लिए भी आपको स्ट्रैटजी के साथ तैयारी करनी होती है। क्रिकेट एकेडमी आपकी स्किल्स को बेहतर बनाती है, लेकिन आगे का सफर खिलाड़ी के टैलेंट के आधार पर तय होता है। वैसे बिना कोचिंग के भी डिस्ट्रिक्ट गेम्स में बेहतर प्रदर्शन के जरिए रणजी में जगह बनाई जा सकती है। दूसरी ओर क्रिकेट में अब खेल के अलावा कई नए मौके हैं जैसे आप ट्रेनर, मैनेजर, ग्राउंड स्टाफ, न्यूट्रिशनिस्ट, के रूप में अपनी शुरुआत कर सकते हैं।

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क्रिकेट में कॅरिअर के लिए पांच काम की सलाहें

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अति उत्साह में फैसला न लें

रणजी खिलाड़ी पंकज गुप्ता की सलाह है कि क्रिकेट की चकाचौंध को देखकर अति उत्साह में इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के बजाय अपने कोच से सलाह लें। एक अनुभवी कोच आपके टैलेंट, स्किल्स को देखकर आपकी परख करता है। वह आपके खेलने के तरीके से जान जाता है कि कोई स्टूडेंट कितना आगे जाएगा। अपनी पारिवारिक स्थिति और खुद के टैलेंट का ईमानदारी से अाकलन करें। जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें। याद रखें, एक खिलाड़ी में स्पोर्ट्स स्किल्स के अलावा जुनून, धैर्य व अनुशासन का होना बेहद जरूरी है। तभी वह कामयाबी की ओर बढ़ेगा।

टैलेंट को कामयाबी मिलने से कोई नहीं रोक सकता

पूर्व रणजी व आईपीएल खिलाड़ी उत्तम मजूमदार के मुताबिक क्रिकेट काफी मंहगा खेल है। बावजूद इसके यदि कोई खिलाड़ी टैलेंटेड है तो आर्थिक स्थिति कोई मायने नहीं रखती। अब कई रास्ते हैं जिनके जरिए प्लेयर्स को प्लेटफॉर्म मिलता है। चूंकि क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है, ऐसे में हर कैंडिडेट को उसकी स्किल्स, मेंटल व फिजिकल स्ट्रेंथ के आधार पर चुना जाता है, इसलिए इन पर मेहनत करना बेहद जरूरी है।

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सिर्फ और सिर्फ खेल पर ध्यान दें

रणजी खिलाड़ी अतुल सिंह के मुताबिक युवा खिलाड़ियों को भीड़ को देखकर डरने के बजाय खुद की स्किल्स पर भरोसा करना आना चाहिए। कई बार अच्छी परफॉर्मेंस के बावजूद एक छोटी गलती आपके सलेक्शन को रोक सकती है। ऐसे में सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान दें। एक अच्छे खिलाड़ी को आगे बढ़ने से उसकी अार्थिक स्थिति कभी भी नहीं रोक सकती क्योंकि फाइनेंशियल सपोर्ट के लिए कई लोग आगे आ जाते हैं। एक बार रणजी खेलने के बाद खिलाड़ियों को काफी फंड मिल जाता है। आप सही स्ट्रैटजी बनाकर क्रिकेट को कॅरिअर बनाएंगे तो सफलता आसान होगी।

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सक्सेस के लिए सोचना शुरू करें

रणजी खिलाड़ी विनीत सक्सेना कहते हैं, एक खिलाड़ी के लिए सक्सेस का पैमाना सिर्फ सलेक्शन कभी नहीं हो सकता। सलेक्शन कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है, इसलिए युवाओं को अपने बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। जिस चीज पर आपका नियंत्रण है उसी पर फोकस करें। बॉलिंग, बैटिंग या फील्डिंग में यूनीक स्किल्स डेवलप करें। वे स्टूडेंट्स जो 8-10 साल की उम्र से एकेडमी से जुड़ जाते हैं वे क्रिकेट की तकनीक को सीखकर अंडर 16 में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। सही टाइम मैनेजमेंट के साथ पढ़ाई करते हुए खेल के लिए समय निकालना इतना मुश्किल नहीं है।

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