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विनोद खन्ना को दादा साहब फाल्के और मॉम श्रीदेवी को बेस्ट एक्ट्रेस अवाॅर्ड; दोनों को मरणोपरांत मिला अवॉर्ड
65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुक्रवार को घोषणा कर दी गई। 2017 के लिए घोषित पुरस्कार में बॉलीवुड की फिल्मों में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को दादा साहब फाल्के सम्मान दिया गया है। दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को “मॉम’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। रीमा दास की असमी फिल्म “विलेज रॉकस्टार्स’ को बेस्ट फीचर फिल्म, बंगाली फिल्म “नगरकीर्तन’ के लिए रिद्धी सेन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। सभी विजेताओं को 3 मई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देंगे।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा : ‘विलेज रॉकस्टार्स’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार
बोनी बोले- काश, श्रीदेवी आज यहां होतीं
श्रीदेवी के नाम का एेलान किया गया तो समारोह में मौजूद उनके पति बोनी कपूर की आंखों में आंसू छलक आए। बोनी ने कहा कि काश, आज वो यहां होतीं। फीचर फिल्म के जूरी प्रमुख शेखर कपूर ने कहा कि वह इस पुरस्कार के लिए सबसे उपयुक्त अभिनेत्री हैं। श्रीदेवी ने तमिल, तेलुगु व हिंदी की 300 से अधिक फिल्मों में काम किया।
मॉम में उन्होंने एक ऐसी आक्रोशित मां का किरदार निभाया है, जो दुष्कर्म पीड़ित अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए सिस्टम से टकराती हैं। 54 साल की उम्र में उनकी मौत फरवरी में दुबई के एक होटल में बॉथटब में डूबने से हो गई थी।
2017 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
बेस्ट एक्टर - रिद्धी सेन - नगरकीर्तन, बेस्ट एक्ट्रेस - श्रीदेवी - मॉम, बेस्ट क्षेत्रीय फिल्म (हिंदी) - न्यूटन, स्पेशल मेंशन - पंकज त्रिपाठी - न्यूटन, पार्वती - टेक ऑफ, बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस- दिव्या दत्ता - इरादा, बेस्ट फिल्म - विलेज रॉकस्टार्स (असमी), बेस्ट पॉपुलर फिल्म - बाहुबली2, बेस्ट म्यूजिक डाइरेक्टर - एआर रहमान - कात्रू वेलिवेदाई, तमिल, बेस्ट एक्शन, स्पेशल इफेक्ट्स - बाहुबली2, बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर - एआर रहमान- मॉम, बेस्ट कोरियोग्राफी - गणेश आचार्या - टॉयलेट एक प्रेम कथा- गोरी तू लठ्ठ मार, बेस्ट निर्देशक - जयराज - भयानकम (मलयालम), बेस्ट सिंगर (पुरुष) - येसुदास, बेस्ट सिंगर (महिला) - साशा तिरुपति, नर्गिस दत्त अवॉर्ड - राष्टीय मुद्दों के लिए बेस्ट फिल्म मराठी भाषा की “धाप्पा’, बेस्ट तेलुगु फिल्म - द गाजी अटैक, बेस्ट मराठी फिल्म - कच्चा लिंबु, बेस्ट शॉर्ट फिल्म - मराठी फिल्म मय्यत
दादा साहब फाल्के पुरस्कार पाने वाले खन्ना 49वें
हिंदी सिनेमा के सर्वाेच्च सम्मान दादा साहब फाल्के से नवाजे गए विनोद खन्ना 49वें शख्स हैं। मरणोपरांत यह सम्मान पाने वाले पृथ्वीराज कपूर के बाद वह दूसरी फिल्मी हस्ती हैं। विनोद खन्ना का पिछले साल 27 अप्रैल को 71 साल की उम्र में कैंसर से निधन हो गया था।
दयावान, कुंवारा बाप, मुकद्दर का सिकंदर जैसी फिल्मों में काम करने वाले खन्ना ने 1968 में “मन का मीत’ फिल्म से करिअर की शुरुआत की थी और वे उनकी लीड रोल वाली फिल्म “रिस्क’ 2007 में आई थी। वह दबंग-2 में भी थे। ओशो से प्रभावित विनोद खन्ना ने 1975 में फिल्मों से संन्यास ले लिया था और 1987 में फिल्म “इंसाफ’ से बॉलीवुड में दोबारा एंट्री की। 6 अक्टूबर, 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्मे विनोद खन्ना ने सवा सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया।