वेबसाइट्स पर अब मोबाइल कैमरे से कर पाएंगे लॉगइन
तनु एस., टेक कंसल्टेंट, बेंगलुरू
पासवर्ड भूलने की आदत है तो जल्द ही एक और तरीके से आप तमाम वेबसाइट्स पर लॉगइन कर सकेंगे। क्रोम, फायरफॉक्स और एज ब्राउज़र्स नए ओपन स्टैंडर्ड और वेब ऑथेंटिफिकेशन को सपोर्ट करने वाले हैं। जैसे ही ये लागू होगा, आप अपनी आइडेंटिटी वेरीफाई करने के लिए मोबाइल का उपयोग कर पाएंगे। यह एप के जरिए या यूएसबी हार्डवेयर के जरिए या बायोमैट्रिक डेटा से संभव होगा। पासवर्ड को ये रिप्लेस कर देगा। मोबाइल कैमरा या फिंगरप्रिंट रीडर के जरिए वेबसाइट्स पर लॉगइन कर पाएंगे। इस ऑथेंटिफिकेशन से क्रिमिनल्स का काम मुश्किल होगा, फिशिंग अटैक की संभावना कम होगी क्योंकि सिलसिलेवार कैरेक्टर की लाइन ही नहीं होगी जो आपके अकाउंट का रास्ता खोल दे।
शुरुआत हो चुकी है
कई सर्विसेज, जिनमें गूगल और फेसबुक भी शामिल हैं, पहले से ही मल्टीफैक्टर ऑथेंटिफिकेशन को सपोर्ट कर रही हैं और स्मार्टफोन एप के जरिए एंट्री करने दे रही हैं। जहां सुरक्षा वाकई जरूरी है, एेसे कई बिजनेस में भी ऑथेंटिफिकेशन का यही तरीका अपनाया जा रहा है। फिर भी अभी ये हर जगह उपयोग में नहीं आ रहा है।
सब की पहुंच में
वेब ऑथेंटिफिकेशन छोटे डेवलपर्स के लिए काम का साबित होगा क्योंकि वे अपनी टेक्नोलॉजी में ज्यादा इनवेस्ट नहीं कर पाते हैं। इस बदलाव से वेब ऑथेंटिफिकेशन की पहुंच बढ़ेगी।
ब्राउजर्स ने की तैयारी
वेब ऑथेंटिफिकेशन स्टैंडर्ड को फायरफॉक्स बीटा (वर्जन 60.0) सपोर्ट करेगा और यह मई में यानि अगले महीने रिलीज होगा। इसके बाद ये क्रोम और एज में भी दिखने लगेगा।