प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि लेने के बाद आवास का निर्माण का काम पूरा नहीं करने वाले जिले 70 ग्रामीणों को नोटिस दिया गया है। 45 दिनों के भीतर काम पूरा नहीं कराने पर ग्रामीणों से राशि की वसूली की जाएगी। अफसरों का कहना है कि मॉनिटरिंग करने के लिए टीम का गठन किया गया है। राशि निकालने के बाद आवास निर्माण का काम पूरा नहीं कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अब जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। राशि लेकर आवास नहीं बनाने वालों की सूची तैयार की जा रही है। सीईओ फरिहा आलम सिद्धिकी के निर्देश पर मस्तूरी, बिल्हा, कोटा, तखतपुर, गौरेला, पेंड्रा, मरवाही ब्लॅाक के लिए मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है। टीम ने अबतक 70 ग्रामीणों को आवास निर्माण का काम पूरा नहीं करने पर नोटिस भेजा है। इन ग्रामीणों ने आवास निर्माण के लिए बैंक खाते से किस्त की राशि भी निकाल ली गई है। गांव पहुंचने के बाद जांच टीम को योजना में कई तरह की खामियां मिल रही हैं। जिले में खुद आवास निर्माण करने वाले ग्रामीणों की संख्या बहुत कम है। ज्यादातर पंचायतों में सरपंच, पंच, सचिव, आवास मित्र आवास निर्माण का काम करवा रहे हैं जबकि यह नियम में नहीं है। सिर्फ संबंधित ग्रामीण को ही आवास बनवाने का अधिकार है। कुछ जगहों से शिकायत है कि आवास मित्र द्वारा ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवास मित्र उन्हें किस्त की राशि मिलने से पहले स्वयं की राशि से काम शुरू करवाने के लिए कहते हैं। इसके बाद राशि बैंक खाते में जमा होगी। जिला पंचायत बिलासपुर के आवास अधिकारी आनंद पांडेय का कहना है कि राशि मिलने के बाद भी जिन लोगों ने आवास निर्माण का काम पूरा नहीं किया है। उन्हें नोटिस जारी कर रहे हैं। तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ तो वसूली के लिए पत्र लिखेंगे।