एक मई से फिर न्याय आपके द्वार लंबित प्रकरणों की सुनवाई करेंगे
किसानों व ग्रामीणों के अपने स्वामित्व, खातेदारी अधिकार व उत्तराधिकार के झगड़ों और जमीनी विवादों के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में बरसों से चल रहे लंबित मुकदमों और उनसे आमजन को हो रही समय और पैसे की बर्बादी से छुटकारा दिलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से एक बार फिर राजस्व लोक अदालत न्याय आपके द्वार-2018 की शुरुआत एक मई से की जा रही है।
शिविर में तहसीलदार, पटवारी, सरपंच व भू-प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी एक ही जगह मौजूद रहेंगे। राजस्थान सरकार राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव खेमराज की ओर से इस संबंध में हाल ही आदेश जारी किए गए। इसमें बताया गया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के मुताबिक आम नागरिकों को व्यापक स्तर पर राहत दिए जाने के लिए राज्य सरकार की महत्वपूर्ण फ्लैगशिप योजना न्याय आपके द्वार संचालित है। इस वर्ष न्याय आपके द्वार का आयोजन एक मई से 30 जून तक होगा।
शिविर में ये काम होंगे
राजस्व लोक अदालतों में राजस्व काश्तकार अधिनियम 1955 की धारा 53, 88, 188, 183 के तहत दर्ज मुकदमें एवं इजराज के प्रार्थना पत्र। पत्थरगढ़ी एवं सीमाज्ञान
भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 136 के अंतर्गत लंबित प्रार्थना पत्र एवं नामांतरण तथा धारा-91 की कार्यवाही के संबंध में लंबित अपीलें।
विभिन्न तरह के लंबित वाद व प्रार्थना पत्रों के संबंध में अन्य प्रकरणों को आवश्यकतानुसार लोक अदालतों में विचारण के लिए रखे जा सकते हैं।
बंद रास्तों को खुलवाने, संकरे रास्तों का अतिक्रमण हटाने तथा नए रास्ते दर्ज कराने सहित रास्ता संबंधी समस्याओं का समाधान।
ग्राम पंचायत के सभी नामांतरणों का निस्तारण।
पारिवारिक कृषि भूमि के सहमति से विभाजन के नए प्रकरण दर्ज कर अभियान में निस्तारण।
लंबित गैर खातेदारी के प्रकरणों में खातेदारी दिया जाना।
राजस्व अभिलेखों में लिपिकीय त्रुटियों का शुद्धिकरण।
नए राजस्व ग्रामों के लिए नॉर्म्स के अनुसार प्रस्ताव तैयार करना।
पंचायतों में लगेंगे प्री कैंप
एसडीएम कैलाशचंद्र शर्मा ने बताया कि न्याय आपके द्वार शिविर 2018 के लिए पंचायताें में प्री कैंप लगाए जाएंगे। इसके लिए दो दल बनाए गए है। जिसमें एक दल प्रभारी तहसीलदार जगमोहन शर्मा, दूसरे दल प्रभारी बीडीओ डॉ.भानूमौली मौर्य को बनाया गया है। यह पंचायत मुख्यालयों पर 16 से 30 अप्रैल तक प्रीकेंप लगाकर अभियान में पूर्व तैयारी और चिह्नीकरण करेंगे। प्रतिदिन 2 पंचायतों में प्रीकेंप लगाया जाएगा। इसके लिए दो पटवारी, दो ग्राम विकास अधिकारी, एक भूअभिलेख निरीक्षक को लगाया गया है।
प्रशासन को यह करनी होगी व्यवस्था
प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर राजस्व लोक अदालत अभियान का आयोजन हो।
आरसीएमएस सॉफ्टवेयर राजस्व लोक अदालतों में लंबित व निस्तारित मुकदमों का विवरण अपलोड कराया जाए।
जिला स्तर पर राजस्व अधिकारियों व संबंधित कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाए।
तहसील स्तर पर राजस्व कर्मचारियों का प्रशिक्षण व निर्देशन।
जिला स्तर पर राजस्व लोक अदालत के आयोजन के संदर्भ में विभिन्न प्रशासनिक तैयारियां शिविर से पूर्व पूरी की जाएं।
सूचनाओं के एकत्रीकरण के लिए नियंत्रण कक्ष का गठन व प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति शिविर से पूर्व की जाएं।
राजस्व लोक अदालतों के विचारण के लिए प्रकरणों का चिह्नीकरण व पत्रावलियों की छंटनी।
छंटनी किए गए मुकदमों से सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई के लिए सूचना पत्र जारी करना।
पंचायत समिति के संबंधित जनप्रतिनिधियों को ग्राम पंचायतवार शिविर के कार्यक्रम की जानकारी देना।
राजस्व लोक अदालतों के कार्यक्रम की प्रतिस्थानीय बार एसोसिएशन को उपलब्ध कराई जाए।
पारिवारिक कृषि भूमि के सहमति से विभाजन से नए प्रकरण दर्ज कर अभियान के दिन निस्तारण हो इसके लिए पटवार मंडल स्तर पर पूर्व तैयारी।
जमाबंदियों में लिपिकीय त्रुटियों के चिह्नीकरण व लंबित प्रकरणों को चिह्नित किए जाने की दृष्टि से संबंधित ग्राम पंचायत पर राजस्व लोक अदालत अभियान से पूर्व ग्राम पंचायत के सभी राजस्व गांवों की जमाबंदी का पठन कर प्रकरणों को चिह्नीकरण कर आवेदन पत्र तैयार किए जाएं।