मलमास समाप्त, मीन से मेष राशि में आए सूर्यदेव, मांगलिक कार्य शुरू
सूर्यदेव मीन से मेष राशि में आ गए। इससे एक महीने से चल रहा मलमास समाप्त हो गया। इसके साथ ही विवाह आदि मंगल कार्य शुरू हो गए। विवाह के मुहूर्त 18 अप्रैल से शुरू होंगे, जो 10 जुलाई तक चलेंगे।
23 जुलाई से चार महीने के लिए देव शयन काल शुरू हो जाएगा। हालांकि देव उठनी ग्यारस के बाद भी गुरु-शुक्र का तारा अस्त होने और मलमास के कारण कोई मुहूर्त नहीं है। पंडित मुकेश पुरोहित ने बताया कि सूर्य देव मीन राशि से मेष राशि में आ गए हैं। इसे सूर्य की संक्रांति भी कहते हैं। इसके साथ ही सौर मास की गणना प्रारंभ हो जाएगी। सूर्य की संक्रांति से सूर्य की संक्रांति तक को शादी-विवाह के लिए शुभ माना जाता है। अप्रैल में विवाह के चार मुहूर्त हैं। मई में विवाह के सिर्फ दो ही मुहूर्त हैं, क्योंकि 16 मई से 13 जून तक अधिकमास है। विवाह के सबसे ज्यादा मुहूर्त इस बार जून में हैं। जून में सबसे ज्यादा विवाह के सात मुहूर्त हैं।