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तत्कालीन एसडीएम और चेयरमैन के खिलाफ केस दर्ज

3 वर्ष पहले
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चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में नगरपालिका की बालाजीनगर आवासीय योजना में भी किस तरह अपने चेहते लोगों के लिए भूखंड आबंटन का खेल हुआ था। इस पर एसीबी ने रावतभाटा की तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष लीला शर्मा सहित तत्कालीन एसडीएम यशोदानंदन श्रीवास्तव सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

एसीबी के एएसपी चिरंजीलाल मीणा ने बताया कि इस मामले में पालिका की तत्कालीन नपाध्यक्ष लीला शर्मा, राजस्व निरीक्षक रामगोपाल गुप्ता, वरिष्ठ लिपिक, रावतभाटा के तत्कालीन और अब सेवानिवृत एसडीएम यशोदानंदन श्रीवास्तव सहित अपात्र लाभार्थी व नियम विपरीत कार्य करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पद का दुरुपयोग और मिलीभगत का खेल: इस मामले की शिकायत की जांच के बाद रावतभाटा के तत्कालीन एसडीएम ने सन 2015 में जांच की। जिसमें सामने आया कि सन 2004 की इस आवासीय योजना में जो आवेदन भरे गए थे। इसमें किसी अधिकारी का तो किसी कर्मचारी के रिश्तेदार के नाम से फार्म भरे गए। फार्म में सबसे मुख्य वर्ग के लिए मासिक आय संबंधी कालम नंबर 11 तक खाली छोड़ दिया गया। किराए के मकान संबंधी जानकारी नहीं थी। राशनकार्ड में दर्ज परिवार के नाम की आय भी नहीं बताई गई। एक व्यक्ति द्वारा परिवार के दो लोगों के नाम से आवेदन करने पर भी भूखंड आबंटित किए गए। मामले में राजकोष को नुकसान पहुंचाने, पद का दुरुपयोग, पात्र लाभार्थी को मिलीभगत कर उसके हक से वंचित करने का मामला दर्ज किया गया है। 145 में से 60 पट्टों की जांच एसडीएम ने की थी। सहायक निरीक्षक व फायरमैन की प|ी के नाम से ही पट्टे जारी किए जाने जैसे उदाहरण आए।

आवंटन में नियमों का नहीं रखा था ध्यान

उन्होंने बताया कि मामला इस प्रकार है कि सन 2004.05 में आईडीएसएमटी योजना के तहत रावतभाटा पालिका ने बालाजीनगर में 145 भूखंडों की आवासीय योजना लांच की। इसमें 69 भूखंड अल्प आय वर्ग,73 मध्यम वर्ग और तीन उच्च आय वर्ग के भूखंड थे। इसमें अल्पआय वर्ग के लिए तीन से चार हजार रुपए प्रतिमाह, मध्यम वर्ग के लिए चार से पांच हजार और उच्च आय वर्ग के लिए पांच से दस हजार की मासिक आय का नियम था। लेकिन भूखंडों के लिए भरे गए कई फार्मों में इस आय वर्ग का ध्यान नहीं रखा गया। जबकि, नियम है कि निकायों की ऐसी आवासीय योजना में पालिकाकर्मियों के परिजन शामिल नहीं हो। पालिका के कुछ कर्मचारियों ने रिश्तेदारों के नाम फार्म भरवा दिए।

पालिका ने कई आवंटन किए निरस्त

बालाजी नगर में पालिका ने लगभग 31 भूखंड आवंटन के बाद निरस्त कर दिए है। लोग पालिका के इस आदेश के विरोध में हाईकोर्ट गए। जहां से हाईकोर्ट ने यथा स्थिति के आदेश दे रखे हैं।

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