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628 दिन लगातार उत्पादन; आरएपीपी की यूनिट-3 देश की तीसरी बड़ी इकाई बन गई

3 वर्ष पहले
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देश में परमाणु बिजलीघर उत्पादन में रिकाॅर्ड बनाने वाले 3 परमाणु बिजलीघरों में अब रावतभाटा की तीसरी इकाई भी दौड़ में शामिल हो गई है। यह इकाई 628 दिन से लगातार उत्पादन कर रही है। वहीं, इसी के साथ लगातार उत्पादन करने में कैगा परमाणु बिजलीघर की पहली इकाई भी है। जाे 735 दिन से लगातार उत्पादन कर रही है। इससे पूर्व राजस्थान परमाणु बिजलीघर की 5वीं इकाई ने सितंबर 2014 में 765 दिन लगातार उत्पादन किया था। जो कि पूरे विश्व में दूसरे नंबर पर रही थी।

परमाणु बिजलीघर का एक दौर ऐसा भी था जब एक दिन इकाई चलती थी और दूसरे दिन इकाई बंद हो जाती थी। तब परमाणु बिजलीघर इकाइयों पर सवाल खड़े हो रहे थे। अब परमाणु बिजलीघर की देश की कई इकाइयां ऐसी हो रही हैं जो एक साल से अधिक या तो उत्पादन कर रही है या कर चुकी हैं। इसमें हाल ही में कैगा परमाणु बिजलीघर की दूसरी इकाई 435 दिन, तीसरी इकाई 436 दिन, मद्रास परमाणु बिजलीघर की दूसरी इकाई 326 दिन से लगातार उत्पादन कर रही है। इसके अलावा राजस्थान परमाणु बिजलीघर की चौथी और छठी इकाई भी सालभर से अधिक चल चुकी है।

22 परमाणु बिजलीघर देश में, 5वीं इकाई का 765 दिन उत्पादन का रिकॉर्ड

220 मेगावाट की क्षमता, डेढ़ करोड़ रोज की बिजली

राजस्थान परमाणु बिजलीघर एवं पूर्ण क्षमता पर चल रही सभी इकाइयों की क्षमता 220 मेगावाट है। एक इकाई एक दिन में डेढ़ करोड़ रुपए की बिजली बनाती है। इस हिसाब से रावतभाटा में अब तक 942 करोड़ की बिजली राजस्थान परमाणु बिजलीघर की तीसरी इकाई बना चुकी है। इस समय नाभिकीय ऊर्जा निगम में यह अच्छी बात है कि सभी परमाणु बिजलीघर अच्छी क्षमता पर विद्युत उत्पादन कर रहे हैं। देश में इस समय कुल 22 परमाणु बिजलीघर है। कुल क्षमता 6 हजार 780 मेगावाट परमाणु बिजलीघरों से होती है। जिसमें 2 हजार मेगावाट कुडनकुलम, 4 हजार 780 देश के अन्य भागों में है। रावतभाटा साइट से 1180 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। जिसमें 5 बिजलीघर चल रहे हैं। एक इकाई बंद है। दो 700-700 मेगावाट की इकाइयां निर्माणधीन हैं।

विश्व रिकाॅर्ड भी हमारे नाम: देश में लगातार बिजली उत्पादन का विश्व रिकाॅर्ड रावतभाटा स्थित राजस्थान परमाणु बिजलीघर की 5वीं इकाई का है। यह इकाई 765 दिन लगातार उत्पादन कर चुकी है। जो देश में पहले नंबर पर है। दूसरे स्थान पर कैगा परमाणु बिजलीघर की पहली इकाई इस समय लगातार 735 दिन से विद्युत उत्पादन कर रही है। अब राजस्थान परमाणु बिजलीघर की तीसरी इकाई 628 दिन पार कर चुकी है। वहीं, सितंबर 2014 में राजस्थान परमाणु बिजलीघर की 5वीं इकाई ने अमेरिका के लासेल लाइट वाटर रिएक्टर का 740 दिन लगातार विद्युत उत्पादन का रिकाॅर्ड तोड़कर 765 दिन लगातार उत्पादन किया था।

कैगा बना सकती है रिकाॅर्ड, एईआरबी की अनुमति: देश की परमाणु ऊर्जा नियामक संस्था अाणविक ऊर्जा नियामक बोर्ड ने कैगा परमाणु बिजलीघर को 2 महीने और चलाने की अनुमति दे दी है। 735 दिन तक लगातार उत्पादन कर रही कैगा परमाणु बिजलीघर सब कुछ ठीक रहा तो विश्व रिकाॅर्ड बना सकती है। अभी यह इकाई 735 दिन से लगातार उत्पादन कर रही है। विश्व रिकाॅर्ड 765 दिन का है यदि 60 दिन ओर चली तो, कैगा इकाई 795 दिन लगातार उत्पादन कर विश्व रिकाॅर्ड बना लेगी।

हमारी बेहतर डिजाइन, रखरखाव, तकनीकी सहयोग और अनुभव से हम परमाणु बिजलीघर के प्रचालन में बेहतर उत्पादन कर रहे हैं। हमारे परमाणु बिजलीघर की तीसरी इकाई ने 628 दिन पूरे कर लिए हैं। उत्पादन में देश की तीसरी बड़ी परमाणु बिजलीघर इकाई बन गई है। इसी तरह चलता रहा तो 5वीं इकाई का रिकाॅर्ड भी टूट जाएगा।-विजयकुमार जैन, स्थल निदेशक

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