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बारिश के लिए जतन, शिवजी को स्नान कराया

3 वर्ष पहले
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बारिश के लिए जतन बढ़ गए है। रावतभाटा के प्राचीन अनोखेराज हनुमान मंदिर स्थित अनादि कलकेश्वर महादेव मंदिर में शिव प्रतिमा को मंगलवार को पानी में डुबाया गया। इसके लिए टैंकर से पानी डलवाया गया। जगह जगह भगवान की मनुहार शुरू हो गई। किसान कहने लगे अब तो बरसों इंद्रदेव। खड़ी फसल को बचाने के लिए कुओं और अन्य सोर्स से पानी पिलाने का काम भी शुरू हा़े गया है। फसलों पर असर होने लगा है। वहीं किसान आशंका से फसल बीमा की तरफ भी रुझान बढ़ा रहे है। हालांकि मौसम विभाग कह रहा है कि अगले दो दिन के बाद बारिश होगी। लेकिन मौसम विभाग का अनुमान अभी तक तो क्षेत्र में विफल रहा है। लोगों को भगवान से ही आसरा है। इसलिए बारिश के लिए जगह जगह जतन हो रहे है। लोग घास भैरू की सवारी भी निकाल रहे है।

उपखंड में बेगूं क्रय विक्रय सहकारी समिति सहित क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में अब यूरिया खाद भी नहीं है। किसान बरसात को देखते हुए यूरिया खाद के लिए चक्कर लगा रहे है। खेतों में बुवाई हो चुकी है। बरसात होते ही खेतों में यूरिया खाद डालना होगा। उधर कृषि विभाग के अधिकारी कह रहे है कि यूरिया खाद अभी नहीं है। यूरिया खाद की रैक आने वाली है।

एक्सपर्ट व्यू

कुछ फसलों में कीड़े लगे पर अभी नमी होने से ज्यादा नुकसान नहीं - कृषि उपनिदेशक विस्तार भूपेंद्रसिंह राठौड़ के अनुसार जिले में खरीफ की 98 फीसदी से अधिक बुआई हो गई है। पर्यवेक्षक बराबर फील्ड रिपोर्टिंग ले रहे हैं। सहायक कृषि अधिकारी रमेशचंद चाष्टा ने बताया कि कुछ फसलों में रसचूसक कीड़ों की जानकारी मिली है। किसान स्प्रे का छिड़काव करे। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की जरूरत लगे तो उपलब्ध जल स्रोतों से पिलाई भी करें। हालांकि अभी तक नमी होने के कारण फसलें सही स्थिति में है। एक सप्ताह बाद पानी की जरूरत होगी।

बांध भी खाली

शहर में मंगलवार का दिन सूखा रहा। पिछले 11 दिन से क्षेत्र में बरसात नहीं हुई। जिससे लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे। चंबल नदी पर बने बांधों के भराव क्षेत्र में कहीं भी बरसात नहीं हो रही। जल संसाधन विभाग राणा प्रताप सागर नियंत्रण कक्ष के अनुसार चंबल नदी पर बने सबसे बड़े गांधीसागर बांध का जलस्तर 1274.44 फीट बना हुआ है। बांध की पूर्ण भराव क्षमता 1312 फीट है। यहां अब तक कुल 243.30 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। अभी बांध 37 फीट खाली है। राणा प्रताप सागर बांध का जलस्तर 1142.37 फीट बना हुआ था। इसकी पूर्ण भराव क्षमता 1157.50 फीट है। अभी बांध 15 फीट खाली है। अब तक कुल 486 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। जवाहर सागर बांध का जलस्तर 972.40 फीट बना हुआ था। यहां अब तक 312.30 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। पनबिजलीघर से विद्युत उत्पादन कर 4269 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। कोटा बैराज का जलस्तर 851.80 फीट बना हुआ था। अब तक कुल 333.50 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। गेट खोलकर 9788 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। चारभुजा मौसम विज्ञान वैधशाला प्रभारी ज्योति मिश्रा ने बताया कि मंगलवार का अधिकतम तापमान बढ़कर 30.4, न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

गांवों से लेकर शहर तक हो रहे हैं धािर्मक आयोजन, घासभैरु की सवारियां भी निकालीं

रावतभाटा। एनटीसी कॉलोनी स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में सजी भगवान भोलेनाथकी झांकी।

रावतभाटा। अच्छी वर्षा की मनोकामना काे लेकर झरझनीगांव की महिलाएं घास भैरू की सवारी निकालते।

चेचट. घासभैरु की पूजा करते हुए ग्रामीण।

सुकेत. पवित्र श्रावण मास पर भजन-कीर्तन करती महिलाएं।

निकाली घासभैरु की सवारी

भास्कर न्यूज | रावतभाटा

बारिश के लिए जतन बढ़ गए है। रावतभाटा के प्राचीन अनोखेराज हनुमान मंदिर स्थित अनादि कलकेश्वर महादेव मंदिर में शिव प्रतिमा को मंगलवार को पानी में डुबाया गया। इसके लिए टैंकर से पानी डलवाया गया। जगह जगह भगवान की मनुहार शुरू हो गई। किसान कहने लगे अब तो बरसों इंद्रदेव। खड़ी फसल को बचाने के लिए कुओं और अन्य सोर्स से पानी पिलाने का काम भी शुरू हा़े गया है। फसलों पर असर होने लगा है। वहीं किसान आशंका से फसल बीमा की तरफ भी रुझान बढ़ा रहे है। हालांकि मौसम विभाग कह रहा है कि अगले दो दिन के बाद बारिश होगी। लेकिन मौसम विभाग का अनुमान अभी तक तो क्षेत्र में विफल रहा है। लोगों को भगवान से ही आसरा है। इसलिए बारिश के लिए जगह जगह जतन हो रहे है। लोग घास भैरू की सवारी भी निकाल रहे है।

उपखंड में बेगूं क्रय विक्रय सहकारी समिति सहित क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में अब यूरिया खाद भी नहीं है। किसान बरसात को देखते हुए यूरिया खाद के लिए चक्कर लगा रहे है। खेतों में बुवाई हो चुकी है। बरसात होते ही खेतों में यूरिया खाद डालना होगा। उधर कृषि विभाग के अधिकारी कह रहे है कि यूरिया खाद अभी नहीं है। यूरिया खाद की रैक आने वाली है।

एक्सपर्ट व्यू

कुछ फसलों में कीड़े लगे पर अभी नमी होने से ज्यादा नुकसान नहीं - कृषि उपनिदेशक विस्तार भूपेंद्रसिंह राठौड़ के अनुसार जिले में खरीफ की 98 फीसदी से अधिक बुआई हो गई है। पर्यवेक्षक बराबर फील्ड रिपोर्टिंग ले रहे हैं। सहायक कृषि अधिकारी रमेशचंद चाष्टा ने बताया कि कुछ फसलों में रसचूसक कीड़ों की जानकारी मिली है। किसान स्प्रे का छिड़काव करे। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की जरूरत लगे तो उपलब्ध जल स्रोतों से पिलाई भी करें। हालांकि अभी तक नमी होने के कारण फसलें सही स्थिति में है। एक सप्ताह बाद पानी की जरूरत होगी।

बांध भी खाली

शहर में मंगलवार का दिन सूखा रहा। पिछले 11 दिन से क्षेत्र में बरसात नहीं हुई। जिससे लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे। चंबल नदी पर बने बांधों के भराव क्षेत्र में कहीं भी बरसात नहीं हो रही। जल संसाधन विभाग राणा प्रताप सागर नियंत्रण कक्ष के अनुसार चंबल नदी पर बने सबसे बड़े गांधीसागर बांध का जलस्तर 1274.44 फीट बना हुआ है। बांध की पूर्ण भराव क्षमता 1312 फीट है। यहां अब तक कुल 243.30 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। अभी बांध 37 फीट खाली है। राणा प्रताप सागर बांध का जलस्तर 1142.37 फीट बना हुआ था। इसकी पूर्ण भराव क्षमता 1157.50 फीट है। अभी बांध 15 फीट खाली है। अब तक कुल 486 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। जवाहर सागर बांध का जलस्तर 972.40 फीट बना हुआ था। यहां अब तक 312.30 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। पनबिजलीघर से विद्युत उत्पादन कर 4269 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। कोटा बैराज का जलस्तर 851.80 फीट बना हुआ था। अब तक कुल 333.50 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। गेट खोलकर 9788 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। चारभुजा मौसम विज्ञान वैधशाला प्रभारी ज्योति मिश्रा ने बताया कि मंगलवार का अधिकतम तापमान बढ़कर 30.4, न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

झरझनी गांव के तलाई के बालाजी मंदिर पर अखंड रामायण का पाठ किया जा रहा हैं। जिसकी पूर्णाहुति रक्षाबंधन पूर्णिमा पर की जाएगी। गांव की महिलाओं ने मंगलवार को अच्छी बरसात की कामना के लिए घास भैरू की सवारी निकाली। जिसके बाद मालपुरा माताजी मंदिर पर पूजा अर्चना की। चतुर्भुज श्रृंगी ने बताया कि अच्छी बरसात के लिए ग्रामीण जतन कर रहे है। ग्रामीणों ने तिलस्वां महादेव से कावड़ यात्रा निकाली। जहां महादेव का जलाभिषेक किया। अनोखेराज हनुमान मंदिर में स्थित अनादि कलकेश्वर भोलेनाथ को जलमग्न किया गया। इस मौके पर श्याम गुलाटी, रवि राठौर, हर्ष जैन, गोपाल सेन, सुनील अामेठा, राजकुमार चौधरी, राकेश भंडारी, राहुल राठौर, लाला देराश्री, कृष्णा सोनी, नयन सोनी, पार्षद संजय रेठूदिया,दिलीप मीणा, दिनेश सेन, कमल अरोड़ा, विजय अरोड़ा, प्रकाश वधवा, कन्हैया भूले, दिनेश रेठूदिया, सत्यनरायण राठौर, दिनेश राठौर, प्रिंस वाधवानी, दीपक जैन सहित अन्य लोग मौजूद थे। भोलेनाथ को जलमग्न करने के लिए दो टैंकर पानी के मंगवाए गए। भोलेनाथ को जलमग्न किया गया।

जतन: इंद्रदेव को मनाने के लिए गांव बाहर बनाया खाना, घासभैरु के जयकारे लगे

रामगंजमंडी | बारिश की लंबे खेंच से परेशानी ग्रामीणों ने इंद्रदेव को मनाने के जतन तेज कर दिए हैं। इंद्रदेव को मनाने के लिए कहीं गांव बाहर खाना बनाया जा रहा है तो कहीं घांस भैरू की सवारी निकाली जा रही है। वहीं अन्य टोटके भी किए जा रहे हैं। शहर सहित क्षेत्र में बीते 24 जुलाई के बाद से बारिश का दौर थमा हुआ है। सावन में अभी तक एक दिन भी बारिश नहीं हुई। इससे तपन और उमस में लगातार तेजी आ रही है। इसका विपरीत असर फसलों पर पड़ रहा है। बारिश नहीं होने से खेतों की नमी कम हो रही है और फसलें सूखने के कगार पर पहुंच रही है। साथ ही बारिश नहीं होने से फसलों में रोग व इल्लियों का प्रकाेप भी बढ़ रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ रही है। इंद्रदेव को मनाने के लिए ग्रामीण परंपरागत जतन कर रहे हैं। क्षेत्र में गांवों में बाहर खाना बनाने का सिलसिला चल रहा है। मंगलवार को क्षेत्र के नालोदिया, न्यामतखेडी और बूरनखेडी में ग्रामीणों ने गांव बाहर खाना बनाया। नालोदिया और न्यामतखेडी गांव में ग्रामीणों ने गांव बाहर खाना नहीं बनाने वालों पर जुर्माना करने की भी मुनादी की थी। ग्रामीणों ने अपने खेतों पर जाकर खाना बनाया और भगवान की पूजा-अर्चना कर बारिश की कामना की। गांव में भी मंदिरों पर पूजा-अर्चना की गई। बूरनखेडी गांव में ग्रामीणों ने गांव बाहर खाना बनाकर घासभैंरु की सवारी निकाली और अच्छी बारिश की कामना की।

रावतभाटा। मानव मंदिर स्थित महादेव मंदिर, जहां पर श्रद्धालुओं ने पूजा की।

रावतभाटा। अनोखेराज हनुमान मंदिर में विशेष शृंगार किया गया।

रामगंजमंडी। बारिश की कामना से बूरनखेडी में निकाली गई घासभैरु की सवारी।

श्रावण मास में जगह जगह होते भजन-कीर्तन

सुकेत.
कस्बे में श्रावण मास में पूरा कस्बा आनंदमई व शिव धुन से रमा हुआ है। अधिकतर मंदिरों में भजन कीर्तन व विशेष पूजा-अर्चना के साथ रामायण पाठ का आयोजन किया जा रहा है। बड़ा मंदिर व बैजनाथ शिव मंदिर में महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। राठौर समाज द्वारा नवनिर्मित भगवान नृसिंह मंदिर परिसर में भी महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन किया। जिसमे महिलाएं भजन-कीर्तन की धुनों पर झूमती रहीं।

रावतभाटा। एनटीसी स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार रात को भोलेनाथ की झांकी सजाई गई। झांकी भांग से सजाई गई। जिसे पंडित मुकेश पुरोहित ने सजाया।

चेचट. अरलाई गांव में एक पखवाड़े से बारिश नहीं होने से जिसके चलते फसल सूखने के कगार पर हैं। इंद्रदेव को खुश करने व जल्दी बारिश की कामना को लेकर अरलाई गांव की महिलाओं ने गांव से 3 किलोमीटर दूर बालाजी मंदिर में भजन-कीर्तन कर इंद्र देवता को प्रसन्न किया।

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