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गेहूं उठाव नहीं होने से नाराज श्रमिकों ने एफसीआई डीएम का पुतला फूंका, श्रीगंगानगर में भी जाकर किया प्रदर्शन

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| हनुमानगढ़

जिले की धान मंडियों में गेहूं की बिगड़ी हुई उठाव व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को विभिन्न संगठनों के श्रमिक आंदोलन पर उतर आए। व्यवस्था से नाराज एफसीआई पल्लेदार मजदूर यूनियन और अनाज मंडी पल्लेदार मजदूर यूनियन के सदस्यों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार जंक्शन धानमंडी के मुख्य द्वार पर एफसीआई के डीएम का पुतला फूंका। इस मौके पर श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि एफसीआई डीएम की हठधर्मिता के चलते मंडियां गेहूं के थैलों से अटी हुई हैं। इससे किसानों के साथ व्यापारी और श्रमिक भी परेशान हैं। मौसम खराब होने के कारण गेहूं बारिश में भीगने की आशंका है और इससे किसानों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। बलदेवसिंह मक्कासर ने बताया कि थैलों को पूर्व की भांति गोदामों में लगवाने की मांग बार-बार की जा रही है ताकि मंडियों से गेहूं का उठाव हो सके लेकिन अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुतला दहन के बाद श्रमिक एफसीआई डीएम का घेराव करने के लिए श्रीगंगानगर रवाना हुए। इस मौके पर शेरसिंह शाक्य, शिव कुमार, अमित कुमार, बलीशेर, वारिस अली, नारायण राम, सत्रोहन, सहीराम आदि मौजूद थे। उधर, टाउन धानमंडी में भी एफसीआई लेबर एंड पल्लेदार मजदूर यूनियन की ओर से एफसीआई डीएम का पुतला दहन कर विराेध जताया गया। श्रमिकों ने टाउन मंडी में आई गेहूं का भंडारण टाउन में ही करवाने की मांग की ताकि उठाव में तेजी आ सके। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण उठाव का काम नहीं हो रहा और श्रमिकों की मजदूरी में भी देरी की जा रही है। इस मौके पर आत्मा सिंह, मलकीत सिंह, बहादुर सिंह चौहान, रिछपाल यादव, नादर खां, हरजी वर्मा, बसंत सिंह, अरविंद मुंशी आदि मौजूद थे।

उठाव नहीं होने का बड़ा कारण: एक ही ऑनलाइन कांटा, गोदाम लोकल में कोई नहीं तो कहीं भुगतान अटका

गेहूं के उठाव को लेकर अव्यवस्था का दौर जारी है। एफसीआई की ओर से खरीदी गई गेहूं में से बड़ी मात्रा जिले भर की मंडियों में ही पड़ी है। विभागीय सूचनाओं के मुताबिक सोमवार शाम तक करीब 168 करोड़ की गेहूं मंडियों में पड़ी थी। सबसे बुरी स्थिति जिला मुख्यालय की है। यहां की मंडियों में सोमवार शाम तक 1198049 बैग गेहूं के स्टॉक मंडियों में ही लगे हुए थे। इसके अलावा संगरिया में 311880, पीलीबंगा में 106580, रावतसर में 231400 व गोलूवाला मंडी में 91244 बैग मंडी में ही पड़े थे। खास बात यह है कि जिला प्रशासन व कृषि उपज मंडी समिति की ओर से इस बारे में एफसीआई के अधिकारियों को बार-बार पत्र भी लिखे लिखने के बाद भी उठाव की स्थिति लगातार खराब रही है।

एफसीआई के अधिकारियों की मनमर्जी से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पीलीबंगा व टिब्बी में फूंके पुतले

टिब्बी| कस्बे की अनाज मंडी में गेहूं का उठाव नहीं होने की समस्या एवं एफसीआई के अधिकारियों की मनमर्जी के चलते आक्रोशित माकपा कार्यकर्ता, लेबर यूनियन ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन कर एफसीआई के डीएम का पुतला फूंका। एफसीआई के अधिकारियों की मनमर्जी के चलते गेहूं के उठाव में देरी होने से किसानों को भुगतान नहीं होने सहित समस्याओं के चलते आक्रोशित माकपा कार्यकर्ताओं ने धानमंडी के समक्ष पहले तो विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक का पुतला फूंककर जमकर नारेबाजी की। माकपा के जिला संयोजक जसविंदर सिंह ने कहा कि एफसीआई अधिकारियों की मनमर्जी के चलते उठाव नहीं हो पा रहा है। इस मौके पर हाकम खान मसानी, मनीष अरोड़ा, सुरेंद्र सोनी, मुख्त्यार सिंह, मखन सिंह आदि मौजूद थे।

पीलीबंगा| मंडीयार्ड में गेहूं उठाव के मुद्दे को लेकर मंगलवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा भारतीय खाद्य निगम के डीएम हेमराज वर्मा का नवीन मंडीयार्ड के मुख्य गेट के समक्ष पुतला फूंककर रोष व्यक्त किया गया। यहां आयोजित सभा को एफसीआई लेबर यूनियन अध्यक्ष शेर सिंह, जनता ट्रैक्टर ट्राली यूनियन अध्यक्ष शकूर खान, डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष बग्गासिंह गिल, अनाज मंडी पल्लेदार यूनियन के अध्यक्ष सिकंदर मंडल, माकपा नेता मनीराम मेघवाल, प्रमोद साहनी, गगनदीप मान, विनोद मांवर, मुकेश कुमार अश्वनी कुमार व महेन्द्र सिंह आदि ने संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि अगर यार्ड से गेहूं का उठाव सीधा किया गया तो उसका डटकर विरोध किया जाएगा। एफसीआई लेबर यूनियन अध्यक्ष शेर सिंह के नेतृत्व में श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने श्रीगंगानगर पहुंचकर डीएम का घेराव भी किया। यहां पर हुई वार्ता में डीएम ने श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की मांगों को लिखित में स्वीकार करते हुए मंडी यार्ड से गेहूं का उठाव सीधा न कर भंडारण करने का भरोसा श्रमिकों को दिलाया। जिसके बाद आंदोलनरत श्रमिक शांत हुए।

1. एफसीआई की ओर से तुलाई के लिए एक ऑनलाइन कांटा लगाया गया। इसमें इंटरनेट की रेंज की समस्या के कारण अधिक समय लगा।

2.एफसीआई की ओर से गेहूं का स्टॉक स्थानीय गोदाम में करवाने की बजाय बाहर भिजवाने की नीति बनाई गई। इससे व्यवस्था बिगड़ी।

इन पांच कारणों के चलते उठाव की बिगड़ी व्यवस्था

3.स्थानीय स्तर पर गोदामों को समय रहते खाली नहीं करवाया गया। इस कारण गोदामों में भी कम जगह थी और श्रमिकों को भी काम नहीं मिला।

4.कहीं एफसीआई ने ठेकेदार तो कहीं ठेकेदार ने श्रमिकों को भुगतान नहीं किया। इस कारण व्यवस्था लगातार बिगड़ती रही। पीलीबंगा में प्रदर्शन भी हुआ।

टाउन में एफसीआई डीएम का पुतला जलाते श्रमिक।

5.सीजन की शुरुआत में सीमेंट व खाद के रैक लगने से श्रमिकों की दिक्कत भी महसूस हुई। हालांकि यह समस्या जिला मुख्यालय की मंडियों में ही रही।

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