एथनॉल से आयात बिल में सालाना 4,000 करोड़ रु. की बचत
एथनॉल से आयात बिल में सालाना 4,000 करोड़ रु. की बचत
एक करोड़ लीटर बायो-एथनॉल पेट्रोल में मिलाने से तेल आयात बिल में 28 करोड़ रुपए विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इस वर्ष 150 करोड़ लीटर एथनॉल की सप्लाई होने की संभावना है। इसके मुताबिक आयात बिल में 4,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत होगी। इसके अलावा नगरीय निकायों में हर साल 6.2 करोड़ ठोस कचरा निकलता है। इससे ईंधन बनाने की टेक्नोलॉजी मौजूद है। एक टन कचरा ईंधन में 20% की बचत करवा सकता है। तेल कंपनियां 10 हजार करोड़ के निवेश से 12 बायो रिफाइनरी लगा रही हैं।