आबूरोड | अम्बेडकर सेवा समिति तहसील अध्यक्ष राजेन्द्र परमार एवं समिति के रेवदर विधानसभा प्रभारी गणपत मेघवाल ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम को कड़ा कानून बनाने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने 21 मार्च 2018 को इस नियम में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से समाज के लोगों में असुरक्षा का माहौल बन गया है। ज्ञापन में इसको देखते हुए संसद के माध्यम से कठोर कानून बनवाने की मांग की गई है।