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केएमपी का निर्माण नहीं पकड़ रहा रफ्तार अब जून फर्स्ट वीक की रखी डेडलाइन

3 वर्ष पहले
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दिल्ली-गुड़गांव की भीड़-भाड़ से बचाने के उद्देश्य से केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे की प्लानिंग की गई थी। साल 2007 में निर्माण शुरू होने के बाद एक्सप्रेस-वे का निर्माण मात्र 70 फीसदी ही पूरा हो पाया है। हालांकि सीएम मनोहर लाल ने एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी से बीते 31 मार्च को कराने का दावा किया था, लेकिन निर्माण पूरा नहीं होने के कारण अब नई डेडलाइन जून 2018 रखी गई है। प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि एक्सप्रेस-वे का काम दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है।

केएमपी एक्सप्रेसवे की आधारशिला दिसंबर 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने सोनीपत के बढ़खालसा में रखी थी। इसका निर्माण साल 2007 में शुरू हुआ, जो 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले पूरा होना था। प्रदेश सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे को रफ्तार देने के लिए नए सिरे से टैंडर अलॉट किया और सीएम मनोहर लाल ने गत 31 मार्च 2018 तक निर्माण पूरा कराकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उद्घाटन कराने का ऐलान किया था, पर अभी भी निर्माण 30 फीसदी बाकी है। हालांकि अब प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण को दो महीने में पूरा कराने का दावा कर रहे हैं, शेष निर्माण कार्य को देखते हुए ऐसी कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है।

प्रेम विवाह से परिजनों को नहीं ऐतराज, याचिका का हुआ निपटारा
निमार्णाधीन केएमपी।

एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी से बीते 31 मार्च को कराने का था प्लान
ये था केएमपी बनाने का उद्देश्य
केएमपी के निर्माण का उद्देश्य चार बड़े नेशनल हाईवे को आपस में जोड़कर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देना था। साथ ही गुड़गांव व दिल्ली के बीच से गुजरने वाले एनएच-8 के वाहनों को शहरों से बाहर बाइपास कर रफ्तार देना था। लेकिन एक्सप्रेस-वे का निर्माण पिछले 11 साल में मात्र 70 फीसदी ही पूरा हो पाया है।

दो महीने का इंतजार और करना पड़ेगा
गुड़गांव| सोहना पुलिस थाना प्रभारी ने शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरनाम सिंह ठाकुर की अदालत में प्रेमी जोड़े के परिजनों के बयान कोर्ट में पेश किए। इनमें परिजनों ने कहा कि उन्हें शादी से कोई ऐतराज नहीं है। कोर्ट ने प्रेमी जोड़े की याचिका का निपटारा कर दिया है और प्रेमी जोड़ा घर चला गया है। सोहना की स्वाति व अजय ने अदालत में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी कि वे एक दूसरे को पिछले 10 साल से जानते हैं और शादी करना चाहते हैं। परिजनों से शादी कराने का आग्रह भी किया था, जिसे लड़की के परिजनों ने नहीं माना था। उन्होंने दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया था। लड़की के परिजन शादी के खिलाफ थे। धमकियां दे रहे थे। इस पर प्रेमी जोड़े ने अपनी आत्मरक्षा के लिए पुलिस संरक्षण की मांग की थी।

केएमपी का काम पूरा होने के लिए अभी दो महीने का इंतजार और करना पड़ेगा। इससे जुड़े अधिकारियों व कॉन्ट्रेक्टर को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जून के पहले सप्ताह में प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए डेडलाइन दी गई है। - टीएल सत्यप्रकाश, सीईओ, केएमपी एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट।

अभी आरओबी का काम भी शुरू नहीं किया गया
गुड़गांव-रेवाड़ी रेलवे लाइन पर स्थित ताज नगर (पटौदी) के पास से केएमपी इस रेलवे लाइन को क्रॉस करेगा। यहां अभी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके लिए पिलर खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन अभी इस पर स्लैब डालने का काम बाकी है। इसके अलावा गुड़गांव-रेवाड़ी रोड को पटौदी से पहले केएमपी क्रॉस करेगा। पटौदी जाने का रास्ता नीचे से रहेगा, जबकि इसके ऊपर ओवरब्रिज से केएमपी पर चलने वाले वाहन क्रॉस करेंगे। यहां ओवरब्रिज का एक हिस्सा अभी अधूरा है, जबकि दूसरे हिस्से का निर्माण चल रहा है।

प्रोजेक्ट पर नजर
135.6 किलोमीटर है एक्सप्रेस-वे की लंबाई

3 इंटर सेक्शन में निर्माण के लिए बांटा गया

45 किलोमीटर रखी गई अलग-अलग सेक्शन की लंबाई

एनएच-8 व 2 (मानेसर-पलवल) के बीच 2017 में ट्रैफिक दौड़ना शुरू हो चुका

एनएच-1, 10 व 8 (बढ़खालसा-आसौदा-मानेसर) के बीच कनेक्टिविटी का काम अधूरा

52 अंडरपास, 23 ओवरब्रिज, 16 अंडर क्रॉसिंग

31 कैटल क्रॉसिंग, 4 रेलवे ओवर ब्रिज व 18 बड़े- छोटे पुल शामिल

292 पानी निकासी के नाले, 02 ट्रक पार्किंग भी प्रोजेक्ट में शामिल

चाइल्ड स्पेशलिस्ट की डीसी से की शिकायत
अभद्र व्यवहार करने का डॉक्टर ने लगाया आरोप
भास्कर न्यूज| गुड़गांव

सिविल अस्पताल में कार्यरत शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश मेहता के खिलाफ एक ओर शिकायत स्वास्थ्य अधिकारियों व डीसी के पास पहुंची है। इस बार उनके खिलाफ शिकायत विभाग की किसी महिला डॉक्टर या प्रशिक्षु महिला ने नहीं बल्कि ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान की ओर से सिविल अस्पताल में तैनात डॉ मोनू तंवर ने की है। इससे पहले भी उन पर छेड़छाड़ के कई आरोप लगे हैं और विभागीय कार्रवाई में दोषी भी ठहराए जा चुके हैं।

डॉ. मोनू तंवर में शिकायत में बताया कि 27 मार्च को वो शाम को स्पेशल नियोनेटल केयर यूनिट (एनआईसीयू ) में ड्यूटी पर थे और उस समय डॉ. उमेश मेहता ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और नौकरी से निकालने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि स्टाफ के सामने उन्होंने जानबूझकर अभद्र व्यवहार किया। वे पहले कई बार ऐसा व्यवहार कर चुका है, जबकि उनकी कोई गलती नहीं होती है फिर भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। इससे पहले उक्त डॉक्टर के खिलाफ कई प्रशिक्षु महिला चिकित्सक मौखिक और लिखित शिकायत कर चुकी हैं और उन्हें एक जांच में दोषी भी पाया गया था। इस पर हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमित झा के आदेशों पर सजा के तौर पर डॉक्टर की डबल इंक्रीमेंट काटी गई थी। 2013 में एक बीएएमएस प्रशिक्षु महिला चिकित्सक ने आरोप लगाया था वे रात के समय अस्पताल के (एनआईसीयू) में ड्यूटी पर थीं और उस समय वे मेवात में डेपुटेशन पर थे। मगर वे रात के समय एनआईसीयू में आए और उससे छेड़छाड़ की थी। जांच में डॉक्टर को दोषी पाया गया था। इसके बाद जांच चंडीगढ़ उच्च अधिकारियों को भेजी गई थी।

कर्मियों का ईपीएफ जमा नहीं कराने का कंपनी पर आरोप
नूंह| बिजली निगम ने हिसार की इलेक्ट्रॉनिक कंपनी पर ठेके पर लगाए गए कर्मचारियों का लाखों रुपए ईपीएफ जमा नहीं करने पर शहर पुलिस थाने में केस दर्ज कराया है। बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता सतवीर यादव ने पुलिस को गुरुवार को शिकायत में बताया कि बिजली निगम में साल 2015 में पिरिया इलेक्ट्रॉनिक कंपनी हिसार द्वारा कुछ कर्मचारी ठेके पर लगाए गए थे। विभाग की ओर से कंपनी को ठेके पर लगे कर्मचारियों का लगभग 93 हजार रुपए ईपीएफ दिया गया था। कंपनी ने ठेके पर लगाए गए कर्मचारियों का ईपीएफ का रुपया जमा नहीं किया। कंपनी को विभाग की ओर से बार-बार नोटिस देकर ईपीएफ के रुपए कर्मचारियों को देने के लिए कहा था, लेकिन रुपया नहीं दिया गया। पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। नूंह सिटी पुलिस चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया की पुलिस मामले की जांच कर रही है।

डॉ. उमेश मेहता का कहना है कि मोनू उनके कहने पर काम नहीं करता। इस संबंध में पीएमओ को लिखित शिकायत दी है, इसलिए, हो सकता है उसने भी कोई शिकायत दी हो।

पीएमओ डॉ. प्रदीप शर्मा का कहना है कि इस प्रकार की एक शिकायत उन्हें मिली है। इस मामले में दोनों डॉक्टर को बुलाकर बातचीत की जाएगी। दोनों पक्ष सुनने के बाद कोई कार्रवाई की जाएगी।

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