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रोडवेज बस हादसा; घायल तीसरे व्यक्ति ने ताेड़ा दम मरने वालों में 2 रोडवेज चालक

3 वर्ष पहले
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नारनौल रोड पर गांव पाडला के पास नारनौल डिपो की तीन रोडवेज बसों की टक्कर से हुए जबरदस्त हादसे में घायल एक और व्यक्ति की भी मौत हो गई। मृतक व्यक्ति बावल के जटवाड़ा मोहल्ला निवासी 30 वर्षीय कमल कुमार है। जिसे घायल हालत में पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था, वहां इलाज के दौरान देर रात कमल ने दम तोड़ दिया। जबकि रोडवेज चालक रोशन लाल की मौके पर ही तथा दूसरे चालक सतीश की अस्पताल में मौत हो गई थी। हादसा 3 लोगों की जिंदगी लील गया।

ओवरटेकिंग, कम अनुभव और जल्दबाजी के चलते हुए इस हादसे की एक और बड़ी वजह इस रोड का अभी तक फोरलेन नहीं बन पाना है। यह रोड एनएच-11 घोषित हो चुका है। लेकिन शहर के तमाम महत्वपूर्ण रोड फोरलेन हो चुके हैं, लेकिन एनएच-8 के बाद सबसे व्यस्त इस रोड की अभी तक टेंडर प्रक्रिया ही आगे बढ़ रही है। सरकार की ढिलाई लगातार लोगों की जान छीन रही है। टू-लेन होने के चलते एनएच-8 के बाद यहां हर साल 200 से ज्यादा हादसे होते हैं।

पाडला के पास शनिवार को हुई थी 3 बसों की जबरदस्त टक्कर

रोड की चौड़ाई कम...

यहां आमने-सामने ही भिड़ जाते हैं वाहन, इस बार भी यही हुआ

यह रोड अभी करीब सात मीटर ही चौड़ा है। इस कारण हादसे सामने आते रहते हैं। हालात ये है कि एनएच-8 के बाद इस रोड पर सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं। रोड की चौड़ाई कम होने से वाहन ओवरटेक करने की कोशिश या सर्दी में कोहरे व अंधेरे के कारण आमने-सामने ही भिड़ जाते हैं। शनिवार काे भी रोडवेज बसों के हादसे में यही हुआ और 3 लोगों की जिंदगी खत्म हो गई। इस रोड से पत्थर व रोडियों से भरे डंपर काफी बड़ी संख्या में गुजरते हैं। ये डंपर रेवाड़ी शहर के भी बीच से होकर निकलते हैं। इस रोड पर हर दूसरे-तीसरे हादसे में डंपर-ट्राले ही वजह बनते हैं। बासदूधा कट व पाली फाटक एरिया तो ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं, जहां दर्जनों की जान जा चुकी है।

टेंडर कॉल किए जा चुके : डायरेक्टर

हाईवे घोषित, मगर फोरलेन नहीं इसलिए यहां सबसे ज्यादा हादसे

एनएच-11 की फिजिब्लिटी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। टेंडर भी आमंत्रित कर लिए गए हैं। उम्मीद है कि टेंडर ओपन कर जुलाई-अगस्त तक ग्राउंड लेवल पर काम शुरू हो जाएगा। प्रयास यही रहता है कि तेजी से निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा किया जाए ताकि लोगों को जल्द से जल्द सुविधा मिल सके। -पीके कौशिक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई।



रोडवेज हादसा...

तीनों शवों का कराया पोस्टमार्टम

रविवार को नागरिक अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं अभी कुछ घायल अभी अस्पतालों में ही भर्ती है। रविवार को रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास भी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। रोडवेज जीएम बलवंत गोदारा व रोडवेज यूनियन प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल यादव सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

20 मई को प्रकाशित खबर

बार-बार सवाल...

जहां खतरा वही रोड अभी तक चौड़ा नहीं

सरकार की अनदेखी ये है रेवाड़ी से गुजरने वाले ज्यादातर मुख्य रोड फोरलेन किए जा चुके हैं। दिल्ली रोड का काम चल रहा है, जबकि गढ़ी बोलनी रोड, बावल रोड व महेंद्रगढ़ रोड पर भी काम हो चुका है। जबकि नारनौल रोड पर सबसे ज्यादा खतरा है, इसी को छोड़ा हुआ है। निर्माण के लिए चल रही प्रक्रिया को देखें तो अभी भी टेंडर खुलने में दो से तीन महीने का समय लगने की संभावना है।

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