रानोली रेलवे फाटक निर्माण कार्य बंद को लेकर सोमवार को जेईएन राजेश मीणा रानोली पहुंचे। उन्होंने कंपनी के इंचार्ज प्रकाशचंद से काम बंद को लेकर बात की। इंचार्ज से बातचीत के बाद जेईएन रानोली में ग्रामीणों से भी मिले। ग्रामीणों ने अंडरपास को लेकर समस्याओं के बारे में अवगत कराया।
ग्रामीणों ने कहा कि एक तो रेलवे ने शुरू से काम ही गलत किया है। नीचे अंडरपास में गहराई ज्यादा होने पर वाहनों को परेशानी होगी। दूसरी ओर अगर रानोली बाजार की ओर से कोई वाहन तेज गति से आ गया तो वाहन के साथ हादसा होने का डर रहेगा। फाटक के पास जो निर्माण कार्य किया गया है वह गलत है। ग्रामीणों ने इन सभी समस्याओं को लेकर करीब छह दिन तक निर्माण कार्य बंद रखा। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने भी सामने आने की हिम्मत नहीं दिखाई तथा छह दिन तक काम बंद रहने से कंपनी को करीब छह लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी के इंचार्ज प्रकाशचंद ने बताया कि सोमवार को जेईएन राजेश मीणा से ग्रामीणों की बातचीत हुई है। उसमें ग्रामीणों के अनुसार ही काम करने की योजना पर सहमति बन पाई है। योजना के तहत जिस जगह को लेकर ग्रामीणों में विवाद चल रहा है। उसी जगह को तोड़कर दुबारा सही ढंग से निर्माण कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि छह दिन रेलवे कंपनी के ठेकेदार ने रानोली बस स्टैंड की ओर से आने वाले रास्ते पर अंडरपास निर्माण कार्य चालू कर रखा था। पहले अंडरपास पर तो सही तरीके से काम किया, लेकिन आगे जो रास्ता रानोली की ओर बढ़ता है वहां एक साइड सड़क की ऊंचाई कम कर दी गई और दूसरी तरफ ज्यादा कर दी। ऐसा होने पर रानोली और शिश्यूं की आेर से आने वाले वाहनों को हमेशा हादसा होने का डर बना रहता। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि विजेंद्र यादव के नेतृत्व में निर्माण कार्य को बंद करवा दिया तथा काम को सही तरीके से कराने की मांग रखी। ग्रामीणों के काम बंद करवाने पर छह दिन तक कंपनी के वाहन बिना काम खड़े रहे। इससे रोज का एक लाख रुपए का नुकसान होता रहा। अब ग्रामीणों के अनुसार ही निर्माण कार्य कराया जाएगा।
अब ग्रामीणों के अनुसार ही किया जाएगा रानोली रेलवे फाटक का निर्माण कार्य