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अबूझ सावे पर आज गूंजेंगी शहनाइयां, बाजारों में रौनक

3 वर्ष पहले
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वैशाख शुक्ल तृतीया पर बुधवार को सर्वार्थसिद्धि योग में अक्षय तृतीया (आखातीज) श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। अबूझ सावे की वजह से शादियों की धूम रहेगी। इस दिन किया गया दान, स्नान, जप, हवन, तर्पण, श्राद्ध का फल भी अक्षय रहेगा। अक्षय तृतीया को सोने के आभूषण खरीदने सहित जमीन, मकान, वाहन, वस्त्र आदि की खरीदारी के लिए भी अति शुभ व फलदायी माना गया है। इसके साथ ही नए संवत्सर का अबूझ सावा होने से विवाह, गृह प्रवेश, गृह आरंभ आदि शुभ व मांगलिक कार्य भी बिना मुहूर्त के किए जा सकेंगे। उधर, चारों धाम में शामिल उत्तराखंड के बद्रीनाथ व केदारनाथ के पट भी आखातीज को ही खुलेंगे।

अक्षय तृतीया का पूरा दिन खरीदारी के लिए श्रेष्ठ

पंडितों के अनुसार यूं तो अक्षय तृतीया का पूरा दिन ही शुभ कार्यों व खरीदारी के लिए श्रेष्ठ रहेगा। फिर भी इन मुहूर्तों में वस्तु विशेष की खरीदारी व शुभ कार्य करने से अक्षय फल मिलेगा। जमीन, मकान, दुकान के लिए सुबह 8.15 से रात तक, आभूषण, वाहन, वस्त्र के लिए 10.51 से रात तक, सजावट, फर्नीचर के सुबह 11.15 से शाम 6.48 तक और इलेक्ट्रिक सामान, मशीनरी के लिए दोपहर 3.40 से शुभ मुहूर्त है।

बन रहे हैं कई योग

सूर्योदय से लेकर दिनभर सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। कृतिका नक्षत्र रात 12.27 तक रहेगा। फिर रोहिणी नक्षत्र आएगा। यह नक्षत्र लोगों के लिए खासा शुभ है। इसके साथ ही रात 12.27 से अगले दिन तक रवि योग भी रहेगा।

यह है विशेष महत्व : भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को अज्ञातवास के दौरान अक्षयपात्र प्रदान किया था। वहीं, अक्षय तृतीया भगवान परशुराम के अवतरण की तिथि भी है। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन त्रेतायुग का आरंभ हुआ था। यह तिथि सदैव स्थाई रहती है। पंचांग में इसका कभी क्षय नहीं होता है। इस वजह से इसे ईश्वर की तिथि माना गया है। इसी दिन वृंदावन में बांकेबिहारीजी के चरणों के दर्शन भी होंगे। सिर्फ इसी दिन भगवान विष्णु का अक्षत से पूजन होता है, अन्यथा विष्णु पूजन में अक्षत निषेध रहता है। इस दिन पंखा, चप्पल, सोना, चांदी, तांबा, छाता, गाय, कलश, जल से भरा बर्तन, घड़ा आदि मंदिर में दान किया जा सकता है।

प्रशासन की बाल विवाह पर नजर: अक्षय तृतीया पर ग्रामीण क्षेत्राें में बाल विवाह होने की भी आशंका रहती है। इसके मध्यनजर प्रशासन ने भी पैनी नजर रखी है। आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशा, ग्राम सेवक, पटवारियों के साथ अन्य कर्मचारियों को भी बाल विवाह पर नजर रखने और तुरंत अधिकारियों को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

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