पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • दफ्तर से नदारद मिला स्टाफ तहसीलदार ने लगाया रिमार्क

दफ्तर से नदारद मिला स्टाफ तहसीलदार ने लगाया रिमार्क

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहर में स्थित खनन विभाग के कार्यालय में शुक्रवार को व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। कार्य दिवस होने के बावजूद दोपहर तक यहां पर कर्मचारी नहीं पहुंचे। शिकायत पर दोपहर 12 बजे तहसीलदार यहां पहुंचे और जांच की। साथ ही रजिस्टर में रिमार्क लगाया। इस दौरान मौके पर मौजूद पालिका उपाध्यक्ष ने कार्यालय की व्यवस्थाओं पर कई आरोप भी लगाए।

शहर में खनन विभाग का कार्यालय बाजार नंबर एक में थाने के सामने स्थित है। शुक्रवार सुबह करीब साढे़ नौ बजे पालिका उपाध्यक्ष ओम गुर्जर यहां पर आरटीआई का आवेदन देने पहुंचे तो केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक एलडीसी ही था। उन्होंने भी यह आवेदन लेने से इनकार कर दिया। गुर्जर दूसरे कर्मचारियों और अधिकारियों का करीब दो घंटे से अधिक इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं आया। इस दौरान अन्य कई लोग भी काम के लिए कार्यालय पहुंचे, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों के नहीं मिलने से परेशानी आई। इस पर गुर्जर ने तहसीलदार राधेश्याम मीणा को खनन विभाग कार्यालय में कर्मचारियों के नहीं पहुंचने की सूचना दी तो करीब 12 बजे वह भी कार्यालय पहुंच गए।

तहसीलदार मीणा के आने के बाद ही दूसरे कर्मचारी भी आने शुरू हो गए। कार्यालय में 16 कर्मचारी की पोस्टिंग है। इनमें से सात का यहां से बाहर डेपुटेशन हो रहा है। वहीं दूसरे स्थानों से भी यहां पर डेपुटेशन पर कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इस पर तहसीलदार मीणा ने भी आश्चर्य जताया।

रामगंजमंडी. कार्यालय में निरीक्षण करते तहसीलदार।

गुर्जर का आरोप: सुबह समय पर नहीं आते, शाम को जल्दी चले जाते हैं कर्मचारी
पालिका उपाध्यक्ष गुर्जर ने तहसीलदार मीणा के सामने आरोप लगाए कि इस कार्यालय में कर्मचारी समय पर नहीं आते हैं। शाम को भी कई कर्मचारी ट्रेन से जल्दी निकल जाते हैं। वहीं कई बार कार्यालय को रात को दस बजे तक खोलकर नियम विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं। इसकी जांच करवाई जानी चाहिए। कर्मचारियों के नहीं मिलने से प्रतिदिन बडी संख्या में कोटा स्टोन व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने पर तहसीलदार ने रजिस्टर में रिमार्क लगाया। साथ ही वे अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेंगे। कर्मचारियों ने बताया कि यहां पर एमई का पद रिक्त होने से झालावाड़ एमई के पास एडिशनल चार्ज हैं। ऐसे में वे यहां पर रूटीन में नहीं आ पाते हैं। हस्ताक्षर करवाने भी झालावाड़ जाना पड़ता है।

खबरें और भी हैं...