अक्षय तृतीया से पूर्व रामगंजमंडी के बाजारों में बढ़ी रौनक
अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर होने वाली शादियों के लिए शहर में खरीदारी बढ़ने लगी है। बाजारों में दिनभर भीड़ लगी रहती है। अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है। इस दिन क्षेत्र में बड़ी संख्या में शादी समारोह होंगे। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। अक्षय तृतीया पर कुंभ यानी घड़े का पूजन व दान अक्षय फल प्रदान करता है। इस दिन दान एवं उपवास करने से हजार गुना फल मिलता है। अक्षय तृतीया पर होने वाले शादियों के लिए शहर के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। कपड़ों की दुकानों के साथ बर्तन, ज्वैलर्स आदि के यहां भी भीड़ लग रही है। सबसे व्यस्ततम बाजार नंबर चार में तो कई बार जाम सरीखे हालात हो जाते हैं।
अबूझ सावा 18 को
लंबे ठहराव के बाद अब होंगे मांगलिक कार्य, भीड़ के चलते बाजार नंबर 4 में बार-बार लग रहा है जाम
रामगंजमंडी। बाजारों में दिनभर भीड़ रहती है।
बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन मुश्त
अक्षय तृतीया पर गांवों में बाल विवाह होने की आशंका बनी रहती है। इसके मद्देनजर प्रशासन भी मुस्तैद है और सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। एसडीएम कृष्ण गोपाल जोजन ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सीडीपीओ, ग्राम सेवकों, पटवारियों आदि को निर्देश दिए हैं कि गांवों में नजर रखे। कहीं बाल विवाह की सूचना हो तो तुरंत उच्चाधिकारियों को अवगत करवाए। कहीं पर बाल विवाह होने की सूचना तहसील और उपखंड कार्यालय में भी दी जा सकती है। सर्व सिद्ध मुहूर्त के रुप में भी अक्षय तृतीया पर दान का भी अधिक महत्व है। साथ ही अन्य मांगलिक कार्य भी किए जाते हैं। इस दिन बिना पंचांग या शुभ मुहूर्त देखे आप हर प्रकार के मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, वस्त्र आभूषण आदि की खरीदारी, जमीन या वाहन खरीदना आदि कर सकते है। पुराणों के अनुसार इस दिन पितरों का तर्पण, पिंडदान या अन्य किसी भी तरह का दान अक्षय फल प्रदान करता है। इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते है। इतना ही नहीं इस दिन किये जाने वाला जप, तप, हवन, दान और पुण्य कार्य भी अक्षय हो जाते है।