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अबूझ सावे के मद‌्देनजर प्रशासन ने बाल विवाह पर रखी पैनी नजर

3 वर्ष पहले
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अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर बुधवार को बड़ी संख्या में शादियां हुई। वहीं बाल विवाह के अंदेशे के चलते प्रशासन ने भी पैनी नजर बनाए रखी। हालांकि देर शाम तक बाल विवाह की कोई सूचना नहीं आई।

अक्षय तृतीया (आखातीज) को मांगलिक व शुभ कार्यों के लिए अबूझ माना जाता है। यानि इस दिन शुभ व मांगलिक कार्य करने के लिए किसी पंडित से पूछने की आवश्यकता नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। ऐसे में गांवों में लोग इस दिन अपने बच्चों की शादी करना श्रेष्ठ मानते हैं। वहीं इस समय किसान परिवार भी खेती कार्य से निवृत हो जाते हैं। ऐसे में गांवों में अक्षय तृतीया पर शादियों की धूम अधिक रही।

क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बुधवार को शादियां हुई। ऐसे में बाल विवाह होने की आशंका भी बनी रही। इसके चलते एसडीएम कृष्ण गोपाल जोजन व तहसीलदार आरएस मीणा के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला सचेत रहा। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, ग्रामसेवक, पटवारियों और अन्य कर्मचारियों के साथ बीट कांस्टेबलों को भी बाल विवाह पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया था। तहसीलदार ने बताया कि क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना नहीं हैं। उधर, शहर में भी अक्षय तृतीया पर शादी समारोह की धूम रही। इससे बाजारों मेें भी दिनभर अधिक भीड़ रही। देर रात तक बाजारों में लोगों की आवाजाही बनी रही।

चेचट. अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर शादियां की धूम रही। कहीं बैंडबाजों की धुन पर निकासी निकली तो किसी घर में बारात आई। बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ रही। सभी बसें व निजी वाहन ओवरक्राउड चल रहे थे। सोने-चांदी और कपड़ों की दुकानों पर खरीदारी करने के लिए ग्रामीण उमड़े।

बाल विवाह को लेकर रहा अलर्ट: रावतभाटा. उपखंड में बालविवाह को लेकर प्रशासन अक्षय तृतीया पर अलर्ट रहा। तहसील कार्यालय में सूचना के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया। रावतभाटा क्षेत्र की भैंसरोडगढ़, जावदा, रावतभाटा थाने में भी पुलिसकर्मी इसको लेकर अलर्ट रहे। दावा किया है कि पूरे उपखंड में कहीं पर भी बालविवाह की कोई सूचना नहीं मिली। वहीं 14 अप्रैल को जावदा थाना क्षेत्र के बलकुंडी गांव में देवीलाल भील, उसकी प|ी को पाबंद किया था कि वह बच्चों का बालविवाह नहीं करें।

रामगंजमंडी के एटीएम में कैश की किल्लत नहीं

रामगंजमंडी| अपने शहर और क्षेत्र के बैंकों में कैश की किल्लत नहीं है। इसके लिए चिंता न करे। यहां पर बैंक व एटीएम से आसानी से रुपए मिल रहे हैं। बुधवार को यहां पर कैश की स्थिति सामान्य रही। देश के कई राज्यों में नोटों की किल्लत चल रही है।

नोटबंदी के बाद इन प्रदेशों में फिर लोगों को कैश के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मुख्य रूप से आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र राज्यों में कैश की समस्या अधिक है। भास्कर टीम ने बुधवार को कैश की स्थिति जांची तो सामान्य ही नजर आई। अधिकांश एटीएम में कैश था और लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार रुपए भी निकाल रहे थे। शहर के प्रमुख बाजार नंबर एक स्थित एसबीआई के दोनों एटीएम में बुधवार को पर्याप्त राशि थी। बैंक अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने का दावा किया है।

बैंक अधिकारियों ने भास्कर को बताया कि कहीं भी नोटों की किल्लत जैसी स्थिति नहीं है। राजस्थान के लगभग सभी बैंकों के एटीएम से ग्राहकों को रुपए मिल रहे हैं। दूसरे प्रदेशों की स्थिति को देखते हुए कई व्यापारियों ने भी बैंकों में फोन कर कैश की जानकारी ली, ताकि आगामी दिनों में भी कारोबार में परेशानी नहीं उठानी पड़े।

अपने यहां पर कैश की कोई किल्लत नहीं है। बैंक के एटीएम में भी पर्याप्त राशि है। इससे लोगों को रुपए के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं हैं। बुधवार को बैंक से भी लोगों को डिमांड के अनुसार रुपए दिए गए। -आरके जैन, ब्रांच मैनेजर, एसबीआई

रावतभाटा में सुबह आई परेशानी, दोपहर बाद एटीएम में डाली राशि

रावतभाटा| केश की किल्लत और शादी-विवाह के चलते रावतभाटा में बुधवार सुबह कुछ एटीएम खाली हो गए थे, लेकिन दोपहर बाद सभी एटीएम में बैंकों ने राशि डाल दी। शाम 5 बजे तक सभी एटीएम का जायजा लिया तो पाया कि लोग आराम से राशि की निकासी कर रहे हैं। बैंकों के पास जैसी राशि उपलब्ध है वही राशि डाल रहे हैं। कहीं बड़े नोट मिल रहे हैं तो कहीं छोटे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा प्रबंधक अशोककुमार जैन ने बताया कि हमारे एटीएम में राशि डाल रहे हैं। बैंक में आने वाले ग्राहकों को जितनी राशि चाहिए, उतनी दे रहे हैं, लेकिन अन्य बैंकों को अभी राशि देने में परेशानी आ रही है।

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