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भगवान की भक्ति में रहे लीन, वामन अवतार की आकर्षक झांकी सजाई

3 वर्ष पहले
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रावतभाटा | राजस्थान ब्राह्मण महासभा की ओर से श्रीराम मंदिर झालरबावड़ी में आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत कथा में पंडित पंकज कृष्ण महाराज ने चौबीस अवतारों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जब जब धर्म की हानि होती है तब तब भगवान अवतार लेते है। उन्होंने जड़ भरत की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भीष्म स्तुति में पांडवों को उपदेश देते हुए एवं अन्य कथाओं का वर्णन किया। मानव को हमेशा भक्ति में लीन रहना चाहिए। सत्यता पर चलने पर मानव को अपने गुणों को परखने का मौका मिलता है। मानव को संत संगत भी करना चाहिए। इस मौके पर वामन भगवान की झांकी सजाई गई। बुधवार को भगवान कृष्ण जन्म की कथा एवं रामकथा होगी। झांकी सजाई जाएगी।

रस व तत्व से भरी है रामचरित मानस: मिश्रा

रामगंजमंडी.
शहर में अग्रसेन अतिथि ग्रह में चल रही श्रीराम कथा में मंगलवार को सीता स्वयंवर का वाचन किया गया। राम बारात निकाली गई और आकर्षक झांकी सजाई गई। रामकथा में कथावाचक चंदा मिश्रा ने सीता स्वयंवर के वाचन के साथ गृहस्थ जीवन का महत्व भी बताया। राम के धनुष तोड़ने के बाद राम बारात निकाली गई। इसमें भजनों पर श्रद्धालु नाचते रहे। महिलाओं ने मंगलगीत गाए। सीता-राम की झांकी सजाई गई। यहां पर कोटा स्टोन स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संरक्षक यतीश अग्रवाल ने कन्यादान किया।

इस दौरान कथा में मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीराम ने तीनों भाइयों सहित गृहस्थ धर्म को अपनाया। भगवान राम ने सिखाया कि जीवन में गृहस्थ धर्म का पालन करते हुए भी भजन पूजन सत्कर्म से समाज की सेवा के साथ साथ आत्म कल्याण भी कर सकते है। जिस प्रकार पेड़ की जड़ सींचने से पेड़ के पत्ते, पुष्प व शाखाएं हरी-भरी रहती है, उसी प्रकार जगत के मूल भगवान राम की पूजा अर्चना से संपूर्ण जगत के पदार्थ सहज ही मिल जाते है। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस रस व तत्व से भरी है। इसमें जीवन का सार है।

रावतभाटा. झालरबावड़ी में चल रही श्रीमद भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।

रामगंजमंडी। शहर में चल रही रामकथा में सजाई गई झांकी।

रावतभाटा | राजस्थान ब्राह्मण महासभा की ओर से श्रीराम मंदिर झालरबावड़ी में आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत कथा में पंडित पंकज कृष्ण महाराज ने चौबीस अवतारों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जब जब धर्म की हानि होती है तब तब भगवान अवतार लेते है। उन्होंने जड़ भरत की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भीष्म स्तुति में पांडवों को उपदेश देते हुए एवं अन्य कथाओं का वर्णन किया। मानव को हमेशा भक्ति में लीन रहना चाहिए। सत्यता पर चलने पर मानव को अपने गुणों को परखने का मौका मिलता है। मानव को संत संगत भी करना चाहिए। इस मौके पर वामन भगवान की झांकी सजाई गई। बुधवार को भगवान कृष्ण जन्म की कथा एवं रामकथा होगी। झांकी सजाई जाएगी।

रस व तत्व से भरी है रामचरित मानस: मिश्रा

रामगंजमंडी.
शहर में अग्रसेन अतिथि ग्रह में चल रही श्रीराम कथा में मंगलवार को सीता स्वयंवर का वाचन किया गया। राम बारात निकाली गई और आकर्षक झांकी सजाई गई। रामकथा में कथावाचक चंदा मिश्रा ने सीता स्वयंवर के वाचन के साथ गृहस्थ जीवन का महत्व भी बताया। राम के धनुष तोड़ने के बाद राम बारात निकाली गई। इसमें भजनों पर श्रद्धालु नाचते रहे। महिलाओं ने मंगलगीत गाए। सीता-राम की झांकी सजाई गई। यहां पर कोटा स्टोन स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संरक्षक यतीश अग्रवाल ने कन्यादान किया।

इस दौरान कथा में मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीराम ने तीनों भाइयों सहित गृहस्थ धर्म को अपनाया। भगवान राम ने सिखाया कि जीवन में गृहस्थ धर्म का पालन करते हुए भी भजन पूजन सत्कर्म से समाज की सेवा के साथ साथ आत्म कल्याण भी कर सकते है। जिस प्रकार पेड़ की जड़ सींचने से पेड़ के पत्ते, पुष्प व शाखाएं हरी-भरी रहती है, उसी प्रकार जगत के मूल भगवान राम की पूजा अर्चना से संपूर्ण जगत के पदार्थ सहज ही मिल जाते है। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस रस व तत्व से भरी है। इसमें जीवन का सार है।

रामगंजमंडी. रामकथा में संरक्षक ने किया कन्यादान।

रावतभाटा. झालरबावड़ी में चल रही कथा में सजी वामन अवतार की झांकी।

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