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गांगड़तलाई-मोनाडूंगर सड़क कंकरीट में तब्दील, 10 की जगह अब चलती हैं 3 बसें

3 वर्ष पहले
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जिले में एक सड़क 10 किलोमीटर ऐसी है जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए 30 घूमकर जाते हैं। हम बात कर रहे हैं। गांगड़तलाई से मोनाडूंगर जाने वाली सड़क की। जिसे 15 साल पहले जिस ठेकेदार ने बनाया उसी गारंटी अवधि के दौरान उधड़ने लगी।

इस दौरान भी ठेकेदार पैसा बचाने के लिए सड़क पर पेचवर्क का मरहम लगाता रहा। तब से और अब तक पूरी सड़क कंकरीट में तब्दील हो गई। इस दौरान हजारों एक्सीडेंट होने लगे। सिर्फ कंकरीट और धूल के गुबार से भरी सड़क और भ्रष्ट अफसरों की अनदेखी के कारण। मिट्टी इतनी उड़ने लगी कि आमने सामने वाहन एक दूसरे का देख भी नहीं सकते थे। आगे आवागमन ऐसा प्रभावित हुआ कि इस मार्ग पर चलने वाली बसें धीरे-धीरे बंद हो गई। घटना और हादसों से भय सा बन गया और लोगों की जान पर बन आई। जिससे लोगों ने अपना रास्ता बदला और 30 किमी घूम कर जाने लगे।

सरकार नहीं आई हमारे द्वार : सरकार आपके द्वार अभियान के दौरान पूर्व में पीडब्लूडी मंत्री रहे राजेंद्र राठौड़ आए तो ग्रामीणों ने शिकायत की। शिकायत पर राठौड़ ने सिर्फ ठेकेदार काे ब्लेक लिस्टेड करते हुए सड़क नई सड़क बनाने को कहा लेकिन वो भी आदेश हवा हो गए। क्षेत्र से प्रतिदिन मार्ग से गुजरने वाले स्थानीय विधायक महेंद्रजीत मालवीया को भी समस्या बताई तो उन्होंने भी सरकारी भाषा में रटा रटाया जवाब दिया बात करेंगे समाधान करेंगे

भ्रष्टाचार- जिस ठेकेदार ने 15 साल पहले बनाई, उस समय अवधि में उखड़ी सड़क

रोहनवाड़ी. गांगड़तलाई से मोनाडूंगर जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त होने से उखड़ा पेचवर्क।

केस-1

झालोद के विजय अग्रवाल पेशे से सीनियर स्कूल में अध्यापक हैं । उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर प्रतिदिन आना-जाना होता है। बदत्तर सड़क की हालत में कभी नहीं भूल सकता क्योंकि समय पर स्कूल पहुंचने के चक्कर में मेरा एक्सीडेंट हो गया और हाथ टूट गया। नौकरी करना मेरी जिम्मेदारी और मार्ग से आए दिन परेशान होना मेरी मजबूरी है।

मंत्री ने 4 साल लगा दिए ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड करने में

केस-2

बांसवाड़ा- मोनाडूंगर मार्ग पर बस चलाने वाले निजी बस मालिक बिच्छू ने बताया कि पहले में बड़ी बस चलाता था, मगर सड़क की हालत के कारण छोटी बस चलाने काे मजबूर हो गया। आए दिन बस के पट्टे टूट जाते हैं। मेन्टेनेंस का खर्चा बढ़ गया। मजबूरी में बस का संचालन करना पड़ता है। सड़क इतनी टूट गई है कि कच्ची सड़क अच्छी लगती है।

आए दिन टूट जाती थी बसों की कमानी

इस मार्ग पर पहले निजी और रोडवेज सहित 10 बसों का संचालन था अब 3 बसे ही संचालित है। अचानक बसों का संचालन कम होने का मुख्य कारण बस मालिकों ने बताया कि आए दिन बस की कबानी के पट्टे टूट जाते तो कभी टायरों को नुकसान पहुंचना रोज का हो गया था जिससे वे लगातार घाटे में जा रहे थे।

गुजरात के वाहनधारी ने दुगुना किराया लेने लगे : क्षेत्र के समस्त व्यापारियों का कामकाज दाहोद, झालोद, बड़ोदा, सुरत से होता है। सड़क की हालात देख कर गुजरात के वाहनधारी दुगना किराया भाड़ा देने के बाद भी यहां आने से आने में कतराते हैं। जिससे क्षेत्रवासी को तीस किमी ज्यादा घूम कर बड़ौदा, सुरत का रास्ता जाना पड़ता है।

गांगड़तलाई मोनाडूंगर सड़क का प्रपोजल बनाकर भेज दिया है। सड़क भी स्वीकृत हो चुकी है। 25 अप्रैल तक काम शुरू कर दिया जाएगा। -नीरज मेहता, एईएन पीडब्ल्यूडी।

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