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कोर्ट में पेश की गई अवैध अतिक्रमण की रिपोर्ट झूठी

3 वर्ष पहले
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नगर निगम के पूर्व मेयर व किसान सभा के महासचिव संजय चौहान ने एसआईटी द्धारा वीरवार को उच्च न्यायालय में सौंपी गई रिपोर्ट पर सवालिया निशान लगाते हुए इस रिपोर्ट को वन विभाग की गैर जिम्मेदारान व तानाशाह पूर्ण कार्यशैली का उदाहरण बताया है। उन्होंने बताया कि एसआईटी गठित होने से पहले 13 लोगों के पास 2800 बीघा अवैध अतिक्रमण होने की रिपोर्ट न्यायालय में दी गई थी। वीरवार को एसआईटी ने 12 लोगों से 1634 बीघा भूमि छुड़ाने की फाइनल रिपोर्ट न्यायालय में दी है। जबकि जमीनी तौर पर 1634 बीघा भूमि 112 बागवानों से कब्जा मुक्त करवाई गई है।

हाटकोटी में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए किसान सभा के महासचिव संजय चौहान ने कहा कि माननीय न्यायालय में एसआईटी ने अवैध अतिक्रमण हटाने से संबंधित जो रिपोर्ट प्रस्तुत की उससे वन विभाग की असलियत समाने आ गई है। उन्होंने बताया कि एस आई टी ने अपनी रिपोर्ट में 1634 बीघा खाली करने की बात कही है जबकि मौके पर करीब 112 बागवानों के बगीचे काटे गए है। अब सवाल उठता है कि 2800 बीघा भूमि पर 13 बागवानों के अतिक्रमण की झूठी रिपोर्ट किसने तैयार की।

भाजपा ही लाई थी भू अधिनियम की धारा 163 में संशोधन

संजय चौहान ने कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार ने लोगों के कब्जों को पक्का करने के लिए भू अधिनियम की धारा 163 मे संशोधन किया। जिसके तहत वर्ष 2002 में कब्जों को नियमित करने के लिए योजना लाई गई। कब्जों को पक्का करने के लिए लोगों से फार्म भरवाए गए। विधायक राकेश सिंघा ने विधानसभा में इस योजना के मौजूद स्टेटस का प्रश्न उठाया। जिस पर सरकार ने जवाब दिया है कि अभी भी यह योजना कानूनी है। अगर ऐसा है तो वर्ष 2002 की कब्जा पक्का करने की नीति के अंतर्गत लोगों को राहत दी जाए। या फिर पूर्व सरकार की पांच बीघा तक की भूमि पर कब्जा नियमित करने की नीति लाई जाए।

मामले में न्यायालय ने सरकार से सुझाव मांगे है। इसलिए सभी की प्रदेश सरकार से मांग है कि बागवानों के हितों में ही कदम उठाए। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय में सरकार व वन विभाग द्धारा अवैध अतिक्रमण के पूरी तरह से गलत आंकड़े दिए गए। डीएफओ रोहड़ू द्धारा जबरन मलकीयत भूमि पर बगीचों को काटा गया। जिसके लिए किसान सभा डीएफओ पर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी कर रही है। इन सभी मुद्दों को लेकर 21 मई को बागवानों के साथ विशाल धरना प्रदर्शन हाटकोटी में किया जाएगा। इस मौके पर राजेंद्र तेजटा, सुखदेव चौहान, राजकमल जिंटा सहित अन्य उपस्थित रहे।

सभा के महासचिव पत्रकारों को संबोधित करते।

किसान सभा 21 को

हाटकोटी में करेगी प्रदर्शन

उन्होंने बताया कि एेसी रिपोर्ट प्रस्तुत कर न केवल माननीय उच्च न्यायालय को गुमराह किया जा रहा है बल्कि पूरे प्रदेश में बागवानों की छवि अवैध अतिक्रमणकारियों वाली बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अवैध अतिक्रमण को बढा चढ़ा कर दर्शाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा इस संवेदनशील मसले पर क्षेत्रीय बागवानों को भी गुमराह कर एकजुट होने से रोकने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसी सुनियोजित साजिश के खिलाफ व अवैध अतिक्रमण हटाआे मुहिम से जुडे सभी मुद्दों को लेकर किसान सभा 21 मई को हाटकोटी में धरना प्रदर्शन करेगी।

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