उच्चतर शिक्षा विभाग की कमेटी ने टाइप करवाकर जमा कराया नया पाठ्यक्रम, आज लेंगे सरकार से मंजूरी
उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से पहली बार प्रदेश के कॉलेजों में यूजी प्रथम वर्ष के 11 विषयों के लिए तैयार किए जा रहे पाठ्यक्रम को बदलने का काम रविवार को पूरा हो गया। दोपहर एक बजे तक पांचों कमेटियों ने पाठ्यक्रम को टाइप करवाकर उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया है।
अब उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से यह पाठ्यक्रम प्रदेश के विवि के कुलपतियों को भेजने के लिए सरकार से मंजूरी ली जाएगी। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही पाठ्यक्रम को मंथन के लिए कुलपतियों के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इस पर यूजी बोर्ड आॅफ स्टडीज फैसला लेगी और अंतिम मुहर शैक्षणिक परिषद की ओर से लगाई जाएगी।
यूजी प्रथम वर्ष का पाठ्यक्रम बदलने की कवायद
कमेटी 5 विषयों में बदलाव पर कर रही काम
एमडीयू के विवि सचिवालय में पांच विषयों के लिए कमेटी काम कर रही थी। इसमें बॉटनी, जूलॉजी, कैमिस्ट्री, भूगोल व मैथ्स विषय के पाठ्यक्रम में बदलाव करने के लिए विस्तार से मंथन किया गया। कमेटियों को पहले ही यूजीसी की ओर से जारी किए सीबीसीएस पाठ्यक्रम की कॉपी उपलब्ध करवा दी गई थी। इसमें कांट-छांटकर आने वाले सत्र के विषय को तैयार कर रहे हैं।
एसी से पहले बीओएस में फंस सकता है पेंच
इतना ही नहीं सरकार से मंजूरी के बाद बोर्ड आफ स्टडीज के पास आने वाले पाठ्यक्रमों की कॉपी काे लेकर अभी से चर्चा शुरु हो गई है। हालांकि मडूटा व एचफक्टो प्रधान डॉ. विकास सिवाच पहले ही इस बारे में विरोध जता चुके हैं। अब शैक्षणिक परिषद में जाने से पहले इन पाठ्यक्रमों को लेकर बोर्ड आफ स्टडीज में चर्चा पर ही पेंच फंस सकता हैं। ऐसे में उच्चतर शिक्षा विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।