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आढ़ती मंडी में गेहूं के उठान में लाएं तेजी, इलेक्ट्रानिक माप यंत्र का करें इस्तेमाल

3 वर्ष पहले
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खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राम निवास ने खरीद एजेंसियों को मंडी से गेहूं उठान के कार्य में तेजी लाने के निर्देश देने के साथ-साथ आढ़तियों को भी निर्देश जारी किए है कि वे साफ-सुथरा व नमी रहित गेहूं को बोरियों में भरने का काम करें। रामनिवास रविवार शाम को रोहतक की नई अनाज मंडी में गेहूं की आवक व उठान के कार्यों का जायजा ले रहे थे। उन्होंने खरीद एजेंसियों विशेषकर हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन को निर्देश जारी कर कहा कि उनके गेहूं उठान के कार्य में अनावश्यक देरी हो रही है, इसलिए दोनों एजेंसियां उठान के कार्य में तुरंत प्रभाव से तेजी लाये। उन्होंने हैफेड के मुख्य महाप्रबंधक को मौके पर ही निर्देश दिए कि वे गेहूं उठान के कार्य में तेजी लाना सुनिश्चित करवाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि जब तक मंडी से गेहूं का पूरा उठान नहीं हो जाता, तब तक गेंहूं की बोरियों की पाड बनाकर उसे तिरपाल से अच्छी तरह से ढका जाये ताकि बरसात की स्थिति में गेहूं को कोई नुकसान न पहुंचे। रामनिवास ने कहा कि किसानों को गेहूं का भुगतान हर हाल में 72 घंटे के भीतर किया जाए। उन्होंने स्वयं मंडी में लगी गेहूं की अलग-अलग ढेरियों का निरीक्षण किया और मीटर के माध्यम से उन्होंने गेहूं की नमी की मात्रा की भी जांच पड़ताल की।

रोहतक. नई अनाज मंडी में खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास गेहूं को चेक करने के बाद आढ़तियों को निर्देश देते हुए।

एजेंसी ने शेड के नीचे लगवाए गेहूं व सरसों के बैग, किसान खुले में डाल रहे अनाज

महम | महम अनाज मंडी में पांच में से मात्र दो दिन गेहूं की खरीद की गई है। हैफेड व स्टेट वेयर हाउस ने अभी तक केवल 5 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा है। गेहूं का उठान धीमी गति से हो रहा है। खरीद एजेंसी ने गेहूं के बैग भरकर मंडी प्लेटफार्म शेड के नीचे लगवा दिए है। शेड के नीचे बारदाना व गेहूं बैग के टैग लगवाए जाने से किसानों को गेहूं बाहर खुले में उतारना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि मार्केट कमेटी व परचेज अधिकारी मनमानी कर रहे है। मंडी शेड किसान के लिए है। अधिकारी शेड के नीचे अपने गेहूं व सरसों के बैग भरकर रख रहे हैं। शेड के नीचे गेहूं बैग व बारदाना रखे जाने की किसी से परमिशन भी नहीं ली गई है। महम की मंडी में 11 अप्रेल से गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। निरंतर की बजाए केवल दो दिन ही गेहूं खरीदा गया है। नियमित खरीद न होने से किसान परेशान हैं। गेहूं लेकर आए किसान हरदेवा, रामकिशन, दलबीर, सुंदर, मनोहरा, सीलक आदि ने बताया कि वे इधर-उधर गेहूं उतार रहे हैं। सभी जगह गेहूं भरा पड़ा है। आढ़ती सोनू का कहना है कि उनके पास मंडी में सबसे ज्यादा गेहूं आया हुआ है मगर परचेज अधिकारी केवल हर दिन सौ क्विंटल गेहूं को ही बैग में भरते हैं। इससे अधिक नहीं उठा रहे। पूछने पर नियम का हवाला देते हैं। उसका एक हजार क्विंटल के लगभग गेहूं बाहर खुले में पड़ा हुआ है। यदि बारिश आई तो भारी नुकसान हो सकता है। किसान यूनियन के रोहतक मंडल अध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने बताया कि 13 प्रतिशत से अधिक नमी का गेहूं मंडी में रोक लगाना गलत है। उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव से मंडी शेड के नीचे बारदाने व गेहूं, सरसों के बैग को उठवाने की बात कही। मार्केट कमेटी सचिव राजबीर अहलावत ने बताया कि शेड के नीचे बैग लगाने व बारदाना रखे जाने की परमिशन नहीं है। खरीद एजेंसी को लेकर नोटिस जारी कर उन्हें उठवाया जाएगा। किसान मंडी शेड के नीचे अपना गेहूं डालेंगे।

गेहूं झरने से साफ करके बोरियों में भरें

गेंहूं के एक अलॉट में नमी की मात्रा 14 प्रतिशत से अधिक पाये जाने पर उन्होंने आढ़तियों को निर्देश दिए कि वे इस गेंहूं को पुन: झरने से साफ करके ही बोरियों में भरे। उन्होंने कहा कि नमी की मात्रा 12 से प्रतिशत से अधिक न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि परंपरागत माप-तोल यंत्र के स्थान पर इलैक्ट्रानिक माप यंत्र का प्रयोग किया जाये। उन्होंने अलग स्थानों पर जाकर गेहूं की बोरियों का माप-तोल भी करवाया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मौके पर ही किसानों से बातचीत की ओर उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया। किसानों ने आढ़तियों और खरीद एजेंसियों के काम काज पर संतुष्टि जाहिर की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार, हैफेड के मुख्य महाप्रबंधक आरपी साहनी, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सैनी, मार्किट कमेटी की सचिव सविता सैनी, हैफेड के जिला प्रबंधक एसके चौधरी, एचडब्ल्यूसी के डीएम यशपाल सिंह, व मंडी प्रधान हर्ष गिरधर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

महम | महम अनाज मंडी में पांच में से मात्र दो दिन गेहूं की खरीद की गई है। हैफेड व स्टेट वेयर हाउस ने अभी तक केवल 5 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा है। गेहूं का उठान धीमी गति से हो रहा है। खरीद एजेंसी ने गेहूं के बैग भरकर मंडी प्लेटफार्म शेड के नीचे लगवा दिए है। शेड के नीचे बारदाना व गेहूं बैग के टैग लगवाए जाने से किसानों को गेहूं बाहर खुले में उतारना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि मार्केट कमेटी व परचेज अधिकारी मनमानी कर रहे है। मंडी शेड किसान के लिए है। अधिकारी शेड के नीचे अपने गेहूं व सरसों के बैग भरकर रख रहे हैं। शेड के नीचे गेहूं बैग व बारदाना रखे जाने की किसी से परमिशन भी नहीं ली गई है। महम की मंडी में 11 अप्रेल से गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। निरंतर की बजाए केवल दो दिन ही गेहूं खरीदा गया है। नियमित खरीद न होने से किसान परेशान हैं। गेहूं लेकर आए किसान हरदेवा, रामकिशन, दलबीर, सुंदर, मनोहरा, सीलक आदि ने बताया कि वे इधर-उधर गेहूं उतार रहे हैं। सभी जगह गेहूं भरा पड़ा है। आढ़ती सोनू का कहना है कि उनके पास मंडी में सबसे ज्यादा गेहूं आया हुआ है मगर परचेज अधिकारी केवल हर दिन सौ क्विंटल गेहूं को ही बैग में भरते हैं। इससे अधिक नहीं उठा रहे। पूछने पर नियम का हवाला देते हैं। उसका एक हजार क्विंटल के लगभग गेहूं बाहर खुले में पड़ा हुआ है। यदि बारिश आई तो भारी नुकसान हो सकता है। किसान यूनियन के रोहतक मंडल अध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने बताया कि 13 प्रतिशत से अधिक नमी का गेहूं मंडी में रोक लगाना गलत है। उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव से मंडी शेड के नीचे बारदाने व गेहूं, सरसों के बैग को उठवाने की बात कही। मार्केट कमेटी सचिव राजबीर अहलावत ने बताया कि शेड के नीचे बैग लगाने व बारदाना रखे जाने की परमिशन नहीं है। खरीद एजेंसी को लेकर नोटिस जारी कर उन्हें उठवाया जाएगा। किसान मंडी शेड के नीचे अपना गेहूं डालेंगे।

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