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द्वितीय श्रेणी कर्मचारी का दर्जा पाने के लिए मौलिक स्कूल मुख्याध्यापक हुए एकजुट

3 वर्ष पहले
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हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों की बैठक हुडा सिटी पार्क में हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा मौलिक हेड मास्टर पद को द्वितीय श्रेणी का दर्जा दिलाना एवं पिछले ट्रांसफर ड्राइव के दौरान कैप्ट वैकेंट रखी गई सभी स्वीकृत पोस्टों को खुलवाना था। मौलिक मुख्याध्यापकों में इस बात को लेकर काफी रोष है कि उनके समकक्ष वेतनमान लेने वाले सभी कर्मचारी द्वितीय श्रेणी में है। स्कूल लेक्चरर इसका उदाहरण हैं। जबकि मौलिक स्कूल मुख्याध्यापक के पास आहरण एवं वितरण अधिकार भी हैं। बैठक का संचालन कर रहे हेडमास्टर शिवदयाल गौतम ने कहा कि इसके बावजूद बार बार मांग उठाने के बाद भी उन्हें अब तक द्वितीय श्रेणी का दर्जा नहीं दिया गया है, हरियाणा में जितने भी आहरण एवं वितरण शक्तियों का उपयोग करने वाले अधिकारी हैं, सभी को द्वितीय श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। जिसके लिए करीब 250 मौलिक स्कूल मुख्याध्यापक हुडा सिटी पार्क रोहतक में एकत्रित हुए। हरियाणा राज्य मुख्य अध्यापक संघ के प्रधान कुलभूषण शर्मा की अगुवाई में सभी ने सहमति जताई की आगामी संघर्ष के लिए जल्द ही एक रणनीति बनाकर सरकार पर जोर दिया जाए कि अगले ट्रांसफर ड्राइव शुरू होने से पहले सभी कैप्ट वैकेंट पोस्टों को स्थानांतरण के लिए उपलब्ध करवाया जाए। सरकार के इस कदम से अधिकतर मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों को घर से 100 से 200 किलोमीटर दूर तक जबरदस्ती स्थानांतरित किया गया जिससे मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों में बहुत अधिक रोष व्याप्त है। उपरोक्त दोनों उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक 51 सदस्य कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी में सभी जिलों से सदस्य लिए गए। इनमें डॉ. इंदू, प्रमिला कुमारी, सविता रानी, बबली देवी, राजेश कुमारी, टेकचंद शर्मा, ज्ञानचंद, ईश्वर चंद्र, रणवीर सिंह, अत्तर व सुभाष चंद्र मौजूद रहे।

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