प्रदेश में अव्वल बनी कहानौर पंचायत, एक साथ मिलेंगे दो अवाॅर्ड
पंचायतों को सशक्त करने के मकसद से शुरू की गई पुरस्कार योजना में प्रदेश में रोहतक की कहानौर पंचायत ने पहला स्थान पाया है। अब गांव के सरपंच अमित कादयान को मध्यप्रदेश के जबलपुर में 24 अप्रैल काे होने वाले राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। हालांकि सरपंच अमित की यह खुशी भी दोगुनी हो गई है। चूंकि एक साथ उसे दो पुरस्कार मिलने जा रहे हैं। पहला, दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार-2018, जिसके लिए प्रदेश की छह पंचायतों को चुना गया है। इसमें जिला पंचायत सिरसा, माध्यमिक पंचायत कुरुक्षेत्र की लाडवा व लोहारू शामिल हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत में रोहतक की कहानौर पंचायत, रोहतक के सांपला ब्लाक की गिझी पंचायत हैं। वहीं दूसरा, नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार- 2018 के लिए प्रदेश से सिर्फ कहानौर पंचायत का ही चयन किया गया है।
सोशल मीडिया के जरिए बुलाईं सभाएं: सरपंच अमित का कहना है विशेष तौर पर ग्राम सभा का प्रचार करने के लिए सोशल मीडिया का भी पूरा सहयोग लिया गया। इसके चलते ग्राम सभा में खर्च का ब्योरा से लेकर आगामी योजना बनाने की पूरी रिपोर्ट बनाई गई। इसके अलावा अवार्ड के लिए इन ग्राम सभाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। इसके चलते तेजी से विकास कार्यों को भी ज्यादा किया गया। इसी के चलते पंचायती राज मंत्रालय की ओर से कहानौर पंचायत को एक साथ दो अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
यह है डीडीयूपीएसपी अवाॅर्ड
दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार (डीडीयूपीएसपी) सेवाओं और सार्वजनिक वस्तुओं के वितरण में सुधार के लिए प्रत्येक स्तर पर पीआरआई की ओर से किए गए अच्छे कार्यों की पहचान के लिए बनाया गया है। इसमें राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रदर्शनकारी पंचायत (जिला, मध्यवर्ती और ग्राम पंचायत) को दिया जाता है। इस साल पीएसपी के लिए नामांकन सामान्य और विषयगत श्रेणियों के लिए किए गए हैं।
यह है एनडीआरजीजीएसपी अवाॅर्ड
नानाजी देशमुख राष्ट्रीय ग्राम सभा पुरस्कार (एनडीआरजीजीएसपी) ग्राम सभाओं को शामिल करके सामाजिक-आर्थिक विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए ग्राम पंचायतों को आरजीजीएसपी पुरस्कार दिया जाता है।
मंत्रालय की टीम ने जांची थी गांव में सुविधाएं और हालात: सरपंच अमित कादयान ने बताया कि पंचायत को आमतौर पर वर्ष में चार ग्राम सभा करनी होती है। सरपंच अमित ने सशक्त तरीके से एक साल में चार की जगह छह ग्राम सभा कर डाली और इसमें लोगों की समस्याओं से लेकर उनके लिए भविष्य की बनाई गई योजनाओं को क्रियांवित किया गया। ग्राउंड पर लोगों की समस्याओं का निपटान करने में भी सरपंच अमित ने 98 फीसदी उपलब्धि भी हासिल कर डाली। अमित कहते हैं कि गांव के मूल विकास का आधार ग्राम सभा ही होती है। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी शामिल किया गया। ऑनलाइन आवेदन के बाद जनवरी में मंत्रालय की टीम ने आकर गांव में मिलने वाली सुविधाओं और सेवाओं का जायजा लिया। इसके बाद पंचायत का चयन किया जा सका।