ट्रैक बाधित की चेतावनी पर वार्ता को राजी हुए अफसर, बहस के बाद शाम को खोला बंद फाटक
सिंहपुरा कलां रेलवे फाटक नंबर 66 सी तीन दिन से बंद होने पर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। वे सुबह 11.30 बजे के करीब डीसी दफ्तर पर ज्ञापन देने पहुंचे। डीसी की गैरमौजूदगी में सरपंच प्रमोद, पूर्व सरपंच ऋषिपाल सहारण सहित अन्य ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार पवन कुमार को ज्ञापन देकर फाटक खुलवाने की मांग की। ग्रामीणों की ओर से ट्रैक बाधित करने की चेतावनी के बाद बैकफुट पर आईं एडीईएन सुमन बल्हारा जीआरपी, आरपीएफ व अन्य विभागों के अफसरों के साथ ग्रामीणों से वार्ता करने पर राजी हुईं। दोपहर 12.15 बजे के करीब रेलवे के रेस्ट हाउस में ग्रामीणों और अफसरों की मीटिंग हुई। तीन दिन से बंद चल रहे फाटक को खुलवाने के लिए दो घंटे वार्ता चली। वार्ता के दौरान ग्रामीण व रेल कर्मचारी की ओर से एक दूसरे पर आरोप लगाए गए। अंत में ग्रामीणों ने आश्वासन दिया कि रेलवे फाटक पर मौजूद गेटमैन के साथ भविष्य में कोई भी घटना नहीं होने दी जाएगी। लेकिन गेटमैन को भी ग्रामीणों से शालीनता से पेश आना होगा। एडीईएन सुमन बल्हारा ने चार माह के अंदर रेलवे क्रासिंग पर आटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगवाने का भरोसा दिलाया। ढाई बजे करीब मीटिंग खत्म होने के बाद अफसरों की टीम ने गेट नंबर 66 सी पर जाकर फाटक खुलवाकर ग्रामीणों को राहत दी। वार्ता के दौरान एडीईएन सुमन बल्हारा, एसएसई आईए खान, एनआरएमयू के शाखा सचिव मुकेश शर्मा, जीआरपी एसएचओ नरेंद्र सिंह, आरपीएफ से राजेश दहिया, सीटीआई हनुमान सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रोहतक. सिंहपुरा गांव में बंद रेलवे फाटक को खोलने के बाद वाहन गुजरते हुए।
युवाओं को शराब
पिलाते हैं कर्मचारी
पूर्व सरपंच ऋषिपाल ने कहा कि रेलवे फाटक के केबिन में दिन और रात के समय शराब पी जाती है। गेहूं कटाई का समय चल रहा है। रात में गांव के युवा शराब लेकर आ जाते हैं और केबिन में कर्मचारी के साथ शराब पीते हैं। यही वजह है कि गेटमैन और युवाओं में मारपीट की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों ने सहमति बनाई कि रेलवे फाटक पर नजर रखी जाएगी। जब भी कोई ऐसी हरकत मिलेगी तो फौरन उच्चाधिकारियों को सूचित कर अवगत कराया जाएगा।
रोहतक. सिंहपुरा में रेलवे फाटक पर गेटमैन फाटक को खाेलता हुए।
यूआरएमयू कर्मियों को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेगी
उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन के शाखा प्रधान अनिल खत्री ने कहा कि हमारी यूनियन पूरी तरह कर्मचारियों के समर्थन में हैं। गेटमैन पर हुआ हमला निंदनीय कृत्य है। हम कर्मचारियों को सुरक्षा व न्याय दिलाने के लिए हरसंभव लड़ाई लड़ेंगे। वहीं जीअारपी के एसआई नरेश कुमार ने बताया कि गेटमैन बलबीर सिंह पर हमले के मामले में दो अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हमने युवकों की तलाश में टीमें लगा दी हैं। तलाश जारी है, जल्द ही हमलावार पकड़ा जाएगा।
गेटमैन को पीटा था
15 अप्रैल रविवार की देर रात डेढ़ बजे सिंहपुरा कलां गांव को जाेड़ने वाले रेलवे फाटक नंबर 66 सी पर ड्यूटी दे रहे गेटमैन बलबीर सिंह पर दो कच्छाधारी युवकों ने लाठी डंडों से हमला कर दिया था। मुंह पर कपड़ा बंधे होने से गेटमैन युवकों को पहचान नहीं सका। हमलावार सिर पर गंभीर चोट आने के बाद बलबीर सिंह को छोड़कर भाग गए थे। गेट नंबर 65 सी पर ड्यूटी दे रहे गेटमैन ने अनहोनी की आशंका पर जाकर बलबीर को गंभीर हालत में पाया। गेटमैन बलबीर को पीजीआई में उपचार के लिए ले जाया गया था।