महिला अपराध रोकने के लिए मांगे सुझाव
रोहतक | पहली बार ऐसी सरकार आई है, जिसने महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षित समाज बनाने के लिए जिला की महिलाओं से खुलकर बातचीत करके सुझाव आमंत्रित किए हैं। इससे यह एहसास हो रहा है कि सरकार महिलाओं के लिए अच्छा काम करने हेतु तत्पर है। ये विचार शुक्रवार को विकास सदन में एक और सुधार कार्यक्रम के तहत आयोजित महिलाओं ने व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट डायरेक्टर रॉकी मित्तल ने महिलाओं से महिला सुरक्षा, सशक्तीकरण और महिलाओं से संबंधित विशेष कार्य करने वाली महिलाओं से समाज सेवा के क्षेत्र में बेहतर सुझाव मांगे।
उन्होंने बताया कि सरकार ने इससे पहले किसानों के सुझाव मांगकर उनके कल्याणार्थ किसान कल्याण प्राधिकरण का गठन किया गया है। इसी तर्ज पर गरीब परिवारों के लिए जिला एवं उपमंडल स्तर पर अंत्योदय केंद्र खोलने का कार्यक्रम बनाया गया है। एक और सुधार कार्यक्रम में लगभग 300 महिलाओं एवं लड़कियों ने अपने सुझाव दिए। इनमें डाक्टर, इंजीनियर, खेल प्रतिभाएं, अध्यापिकाएं, गृहिणी, महिला, मजदूर, महिला आशा वर्कर, सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग, कालेज की महिलाएं शामिल रही। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने चेन स्नेचिंग, चोरी, छेडख़ानी, उत्पीड़न, बलात्कार जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सुझाव लिए।
स्वयं सहायता समूहों के लिए लगेंगे 24 मेले
मित्तल ने कहा कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का बनाया जाने वाले सामान की बिक्री के लिए प्रदेश में 24 मेले लगाए जाएंगे। इन मेलों के माध्यम से महिलाओं को समूह बनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के सामान बनाने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की डीपीओ शांति जून, डीएसपी रमेश, इंस्पेक्टर गरिमा, समाजसेवी नीलम धनखड़, करतार सिंह, विकास पंवार सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की अनेक महिलाएं, राष्ट्रीय आजीविका मिशन तथा स्वयं सहायता समूहों से महिलाएं मौजूद रहीं।