हुडा ने सनसिटी के 675 प्लाॅटधारकों को दिया पजेशन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुडा विभाग ने दिल्ली रोड स्थित सनसिटी के 675 प्लाॅटधारकों को उनके खरीदे प्लाॅटों का पजेशन दे दिया है। ये सभी प्लाॅट सनसिटी से वापस लिए गए 331 एकड़ जमीन पर हैं, जिसके लिए किसानों की ओर से मुकदमा किए जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। सेक्टर 27 में सनसिटी ने किसानों से सीधे उनकी जमीन का क्रय किया था, जो 331 एकड़ में फैली हुई है। सनसिटी ने 675 आवेदकों को पूरा भुगतान लेकर प्लाॅट भी दे दिए। इसी दौरान किसानों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, उन्हें सनसिटी की ओर से कम कीमत देकर उनकी जमीन धोखे से हथियाई गई है। लिहाजा उन्हें उचित और पूरा मुआवजा दिलाया जाए।
शेष बचे प्लाॅटों के लिए विभाग की पॉलिसी के अनुसार भविष्य में ड्रा निकाला जाएगा
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित किया कि हुडा विभाग स्वयं इस जमीन का अधिग्रहण कर आगे की कार्रवाई अमल में लाए। साथ ही जिन 675 लोगों ने प्लाॅट खरीदे हैं, उनको हुडा विभाग की ओर से जारी की गई पॉलिसी के अनुसार प्लाॅट का पजेशन दिया जाए। इसके मद्देनजर हुडा ने बीते 26 और 27 मार्च को कार्रवाई अमल में लाते हुए सभी 675 प्लाॅटधारकों को उनकी ओर से खरीदे गए प्लाॅटों का पजेशन दे दिया। इस भूखंड पर लगभग 1600 प्लाॅट काटे जाने हैं। इसमें 4, 6, 8, 10 और 14 मरले के प्लाॅट हैं। इनकी कीमत लगभग 18 लाख से 50 लाख के बीच है। हुडा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद शेष बचे प्लाॅटों के लिए विभाग की पॉलिसी के अनुसार भविष्य में ड्रा निकाला जाएगा।
कुछ किसानों से एग्रीमेंट किया
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार रोहतक में सेक्टर-27-28 पर 850.88 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव था। बाद में हुडा ने 8 अप्रैल 2003 को 444.11 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया, लेकिन 422.44 एकड़ भूमि के लिए अवाॅर्ड घोषित किया गया। इस बीच बिल्डर कंपनी उदार गगन प्रॉपर्टी ने अधिग्रहण प्रक्रिया से गुजर रहे कुछ किसानों से एग्रीमेंट कर लिया।
जमीन अधिग्रहण की सीबीआई जांच भी होगी
21 मार्च 2006 को उदार गगन प्रॉपर्टी ने हरियाणा के नगर योजनाकार विभाग के डायरेक्टर के पास लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया। उदार गगन प्रॉपटी को 280 एकड़ भूमि पर कॉलोनी विकसित करने के लिए लाइसेंस मिल गया। इसे किसानों ने धोखा बताते हुए कोर्ट में आवाज उठाई। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट के जज अनिल आर दवे और आदर्श कुमार गोयल की बेंच ने बिल्डर के पक्ष में जारी सभी सेल डीड एग्रीमेंट रद्द कर दिए। अब हुडा यहां पर प्लाॅट काटेगा। अब इस मामले में सीबीआई जांच भी होनी है।