गोकर्ण सरोवर में भक्तों ने किया स्नान दान, गुरुद्वारों में अखंड पाठ के साथ हुई अरदास
खुशियों के त्योहार बैशाखी पर स्नान दान करना बहुत शुभ होता है। शनिवार को शहर के गुरुद्वारों और गुरु घरों में बैशाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दिन खालसा की स्थापना भी की गई थी। इसलिए सिख समुदाय में इसका खास महत्व होता है। गुरुद्वारों में अखंड पाठ भी पढ़ा गया। गोकर्ण के बाबा लक्ष्मणपुरी के डेरे में बने सरोवर में सूर्योदय के समय काफी संख्या में शहरवासी स्नान करने के लिए पहुंचे। इसमें बुजुर्गों के साथ महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भी स्नान दान किया। साथ ही, सूर्य देव से सुख-समृद्धि की कामना भी मांगी। इस दौरान डेरे के महंत बाबा कपिलपुरी और महंत बाबा कमलपुरी ने भक्तों को आशीर्वाद दिया। गेहूं की कच्ची बालियों का प्रसाद भक्तों को दिया।
रोहतक . गोकर्ण तालाब में स्नान के दौरान सूर्य को अर्क देते श्रद्धालु।
वाहो-वाहो गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला
वाहो-वाहो गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला...। माता दरवाजा स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में बैशाखी पर्व पर खालसा साजना दिवस मनाया गया। इस दौरान कीर्तन समागम हुआ। जिसमें कीर्तन भाई पवनदीप सिंह, गुरमीत सिंह कोयल, हरबंस सिंह और भाई भूपिंद्र सिंह ने अपने मधुर भजनों से संगतों को निहाल कर दिया। गुरुद्वारे के प्रधान सरदार अवतार सिंह कोचर ने बताया कि सन् 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में महासम्मेलन कर देश का इतिहास ही बदल दिया था। इस दिन सिखों की अग्नि परीक्षा लेते हुए पंच प्यारों की साजना की गई थी।