आसिफा जैसा न हो हमारी बेटियों का हश्र कैंडल लेकर जगाने निकलीं आधी आबादी
सुनो मां...वो अजीब से दिखते थे, न जानवर न इंसान जैसे। कुत्ते की तरह काटा मुझे, बिल्ली की तरह देख रहे थे। मेरा कसूर नहीं था मां। इन मार्मिक पंक्तियों से आसिफा के दर्द और झेली गई प्रताड़ना को महसूस करने की महज एक कोशिश भर की जा सकती है। बच्चियों और महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों के खिलाफ शहर के अलग-अलग सामाजिक संगठन मंगलवार को सड़कों पर उतरे। आसिफा और हर उस बेटी को न्याय दिलाने की मांग जिसने जुर्म की प्रताड़ना सही है। इसके खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। किसी ने नारेबाजी कर विरोध जताया तो किसी ने कैंडल मार्च कर इंसाफ की मांग की।
दर्द को कविता सुना सहने की कोशिश के साथ
सड़क पर उतर की इंसाफ की मांग
देश भर में बेटियों के साथ हो रही क्रूरतम अपराध की घटनाओं के खिलाफ शहर के अलग-अलग संगठनों ने मानसरोवर पार्क में रोष सभा हुई। अध्यक्षता जनवादी लेखक संघ की जिला प्रधान संतोष मुदगिल और रंगकर्मी शक्ति सिंह ने की। जतन नाट्य केन्द्र की टीम ने कविताओं की नाट्य प्रस्तुति की। कविताओं के माध्यम से बलात्कार व जानलेवा दरिंदगी की पीड़िताओं की स्थिति दिखाई गई। महिला आंदोलन की नेता जगमती सांगवान ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि जनता के वोटों से चुनी हुई भाजपा सरकार, उनके मंत्री और नेता बेशर्मी व तानाशाही के साथ बलात्कारियों को बचाने की गंदी राजनीति कर रहे हैं। रोष सभा के बाद मौजूद लोगों ने न्याय की मांग करते कैंडल मार्च निकाला। दरिदों को जेल में डालो, बलात्कारियों को बचाने वाली राजनीति मुर्दाबाद, जो बलात्कारियों के साथ है, वो जनता का गद्दार है, बेटियों को सुरक्षा दो आदि नारे लगाते हुए लोग मानसरोवर पार्क से डी पार्क के बापू पार्क पहुंचे। इस मौके पर हरियाणा में महिला आंदोलन की जनक कवयित्री शोभा, कृषि वैज्ञानिक महाबीर नरवाल, कवि मनमोहन, डा. आरएस दहिया, प्रो. रमणीक मोहन, अंजलि, वीना मलिक, किसान नेता प्रीत सिंह आिद प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।
रोहतक. कैंडल मार्च निकालते विभिन्न समाजिक संगठनों के सदस्य।
चुप्पी तोड़ो, उत्पीड़न रोको
दीपेंद्र हुड्डा यूथ ब्रिगेड टीम के कार्यकर्ताओं ने डी पार्क से लेकर नेकीराम कॉलेज तक कैंडल मार्च किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही चुप्पी तोड़ो, उत्पीड़न रोको के नारे लगाए गए। इस मौके पर हरीश गुलिया, विशाल छिल्लर, मयंक, आशु वशिष्ठ, विजय आदि मौजूद रहे।
रोहतक. महात्मा गांधी की प्रतिमा पर कैंडल लगाकर रोष जताते हुई बच्ची रितू।
छात्रों ने निकाला मार्च
बाबा मस्त नाथ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने आसिफा को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाला। यूनिवर्सिटी से लेकर एमडीयू गेट नंबर एक तक कैंडल मार्च निकाला गया। विद्यार्थियों ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की। इसी के साथ महिलाओं की सुरक्षा की भी मांग उठाई गई।