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रात को बिजली चोरी करने वालों की पुलिस टीम के साथ धरपकड़ करेगा बिजली निगम, 30 सितंबर तक चलेगा स्पेशल अभियान

3 वर्ष पहले
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गर्मी के मौसम में बिजली चोरी किए जाने की बढ़ती शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए बिजली निगम की टीम ने पहली बार पुलिसकर्मियों को साथ लेकर रात के अंधेरे में छापेमारी करेगी। रोहतक जोन के चीफ इंजीनियर ने रोहतक, झज्जर, सोनीपत व पानीपत के एसपी से पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

रात के अंधेरे में छापेमारी अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। निगम के लिए ड्राइव के तहत सौ फीसदी लक्ष्य पाने के लिए प्लान तैयार कर लिया है। बिजली निगम के शेड्यूल में गर्मी का सीजन मई, जून व बारिश का सीजन जुलाई से सितंबर तक होता है। इस दौरान गर्मी के सीजन में घरों व बारिश के सीजन में खेतों में बिजली की खपत बढ़ जाती है। खपत बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी इजाफा हो जाता है। ऐसे में बिजली चोरी की शिकायतों का ग्राफ बढ़ जाता है। पिछले वर्ष बिजली-पानी थाना से अभियान के दौरान अपेक्षित सहयोग न मिलने की वजह से चोरी के केस में ज्यादा अंकुश नहीं लग पाया। हालांकि पकड़े गए चोरी के केसों में वसूली की राशि लक्ष्य के अनुरूप हो गई। इस बार सीएमडी शत्रुजीत कपूर की ओर से विशेष छापेमारी अभियान में बिजली-थाना पुलिस की बजाय पुलिस विभाग के जवानों को साथ ले जाने की मंजूरी दी गई है ताकि बिजली चोरी के ग्राफ को घटाया जा सके।

बिजली चोरी घटाना लक्ष्य

रोहतक सर्कल के एसई एसके बंसल ने बताया कि एसपी से मिलकर छापेमारी अभियान के दौरान रात में पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जल्द ही पुलिसकर्मी मिलते ही टीम छापेमारी करने के लिए निकलेंगी। निगम का प्रयास है कि बिजली चोरी घटाकर राजस्व में इजाफा किया जा सके। इसके लिए हमने प्लान तैयार कर लिया है।

रोहतक, झज्जर, सोनीपत व पानीपत जिले के एसपी से बिजली निगम के अधिकारियों ने की पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने की मांग

चारों जिलों में लाइन लॉस वाले गांव की तैयार हो रही रिपोर्ट

रोहतक जोन के चीफ इंजीनियर वीएस मान ने बताया कि रात के अंधेरे में बिजली चोरों पर छापेमारी करने के लिए पहली बार पुलिसकर्मियों को टीम में शामिल किया जाएगा। सीएमडी स्तर से विशेष अभियान के लिए मंजूरी मिल चुकी है। चारों जिलों के एसपी से पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा गया है। जिन गांव या क्षेत्रों में लाइन लॉस अधिक है, हमने वहां की रिपोर्ट सर्कल के एसई से मांगी है। 30 सितंबर तक चलने वाला अभियान इसी सप्ताह से शुरू हो जाएगा।

इसलिए लेना पड़ा

पुलिस का सहारा

अफसर बताते हैं कि गांव में रात के अंधेरे में कुंडी लगाकर बिजली चोरी किए जाने की सर्वाधिक शिकायतें आती हैं। बिजली निगम की टीम छापेमारी करने जाती है तो ग्रामीणों के हमले का शिकार होना पड़ता है। बिजली-पानी थाना के पुलिसकर्मी कभी साथ रहते हैं तो कभी नहीं रहते। इस बार पुलिस कर्मियों का सहारा इसीलिए लेना पड़ रहा है, यदि छापेमारी के दौरान घर या किसी प्लांट में बिजली चोरी पकड़ी जाती है तो उस दौरान शांतिपूर्वक कार्रवाई निपटाई जा सके।

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