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सवा साल में तीन बार

3 वर्ष पहले
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सवा साल में तीन बार

हुई बसों की हड़ताल

1. 10 अप्रैल से 13 अप्रैल 2017 को निजी परिवहन पॉलिसी के विरोध में यूनियनों ने चार दिन तक रोडवेज बसों का चक्काजाम रखा था। तब डिपो प्रशासन ने चार दिन में 45 लाख रुपए की आय का नुकसान होने का दावा किया था।

2. 13 जून 2017 को निजी बसों को परमिट जारी करने के विरोध में यूनियनों के आह्वान पर रोहतक डिपो में बसों का चक्काजाम रहा था। इस दौरान भी बसें बस स्टैंड से नहीं निकली थीं।

3. 7 अगस्त 2018 को रोड सेफ्टी बिल व मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम 2017 के बदलाव के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने डिपो में बसों का चक्का जाम रखा। डिपो प्रशासन ने 15 लाख रुपए की आय प्रभावित होने का दावा किया।

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