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उस स्थान पर मत जाओ जहां अपमान हो

3 वर्ष पहले
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रोहतक. गांधी कैंप के स्नातन धर्म मंदिर में आयोजित कथा के दौरान प्रवचन सुनते श्रद्धालु व प्रवचन करते पंडित सचिन शर्मा।

भास्कर न्यूज | रोहतक

किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे हैं वहां आपका, अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान न हो। यदि अपमान होने की आशंका हो तो उस स्थान पर जाना नहीं चाहिए। चाहे वह स्थान अपने जन्मदाता पिता का ही घर क्यों हो? यह बात पंडित सचिन शर्मा ने कही। वे गांधी कैंप स्थित सनातन धर्म मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को प्रवचनों की वर्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कथा व्यास ने सती चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि सती ने अपने पिता के घर हुए पति के अपमान से आहत हो खुद को अग्नि के हवाले किया। सती की लाख कोशिशें करने के बाद भी राजा दक्ष को भगवान शिव की अच्छाइयां नजर नहीं आई। इसके साथ उत्तानपाद के वंश में ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि ध्रुव की सौतेली मां सुरुचि की ओर से अपमानित होने पर भी उसकी मां सुनीति ने धैर्य नहीं खोया।

बचपन में दें भक्ति की प्रेरणा
पंडित सचिन शर्मा ने कहा कि परिवार को बचाए रखने के लिए धैर्य संयम की नितांत आवश्यकता रहती है। भक्ति को बचपन में ही करने की प्रेरणा देनी चाहिए। क्योंकि बचपन कच्चे मिट्टी की तरह होता है। उसे जैसा चाहे वैसा पात्र बनाया जा सकता है। कथा के तीसरे दिन भाजपा नेता और मंगलसेन स्मृति न्यास के प्रदेश अध्यक्ष लवलीन टुटेजा लवली ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत की।

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