चुनावी खर्च गलत बताया, 14 पर आजीवन प्रतिबंध 73 पर 3 वर्ष का बैन, इस बार नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
शहर की सरकार का कार्यकाल पूरा होने के मात्र 78 दिन पहले स्थानीय शहरी निकाय की ओर से बड़ी कार्रवाई हुई है। जून, 2013 में नगर निगम के पिछले चुनाव में खर्च का गलत ब्योरा देने के चलते 14 प्रत्याशियों पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि विभिन्न वार्डों के अन्य 73 उम्मीदवारों पर 3 वर्ष का बैन लगाया गया है। इन्होंने 3 बार नोटिस देने के बावजूद चुनाव खर्च की सूचना नहीं दी थी। अब ये 73 उम्मीदवार वर्ष 2018 का नगर निगम का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसमें सर्वाधिक 8 प्रत्याशी वार्ड नंबर 16 और सबसे कम एक-एक प्रत्याशी वार्ड नंबर 10 व 17 से हैं। इससे वार्डों की राजनीति में हलचल शुरू हो गई है। इन दिनों निगम में 2018 चुनाव को लकर तैयािरयां चल रही हैं। वार्डबंदी आपत्तियां दर्ज होने के बाद अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
20 दिन पहले सुनवाई में 35 ने दे दिया था ब्योरा
चुनाव खर्च से संबंधी सूचना नहीं देने वाले नेताओं की लिस्ट में 122 नाम थे, जिन्हें नोटिस भेजे जाते रहे। लगभग 20 दिन पहले सर्किट हाउस में चंडीगढ़ चुनाव कार्यालय से आए पर्यवेक्षक और नगर निगम रोहतक के डीएमसी, नायब तहसीलदार व चुनाव नायब तहसीलदार की मौजूदगी में इस मामले की सुनवाई हुई थी। इसमें 35 लोगों ने वर्ष 2013 के नगर निगम चुनाव में हुए खर्चे की नियमानुसार जानकारी बिलों के साथ उपलब्ध करवा दी। बाकी लोगों ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
जून में हो सकता है चुनाव
वर्ष 2013 में नगर निगम की सरकार चुनने के लिए 2 जून को मतदान हुआ था। कार्यकाल 30 जून 2018 को पूरा होने जा रहा है। अब मध्य जून 2018 तक दोबारा चुनाव हो जाना चाहिए। फिलहाल नई वार्डबंदी की प्रक्रिया चल रही है।
नगर निगम
तीन वर्ष के लिए इन पर लगा बैन
वार्ड-1 : जितेंदर, धर्मेंदर, प्रमीला व बाबा राम मेहर।
वार्ड 2 : राजबाला, रामप्यारी, श्यामलाल, सुशीला देवी, सुमित्रा, काजल, सुरेखा।
वार्ड 3 : अंकित, अशोक कुमार, जोगेंदर, राजेश, रोशनी, लालूराम, संजय व सुनीता।
वार्ड 4 : उर्मिला देवी, कृष्णा देवी, पिंकी, मंजू देवी, मौसमी देवी, राजबाला, संतोष, सुनीता देवी, सुमित्रा व सुषमा।
वार्ड 5 : कुसुम लता व जय प्रकाश कौशिक
वार्ड 6 : मंजू, शशी बाला और संतोष ।
वार्ड 7 : नरगिस, नीलम, बबिता, मुकेश कुमारी व रीना।
वार्ड 8 : माया देवी व सुदेश कुमारी।
वार्ड 10 : जतिन कुमार
वार्ड 13 : अमित, जयंती ज्योति, वेद प्रकाश, सुभाष, सुशील कुमार, साेमनाथ।
वार्ड 14 : सुरक्षा रानी और सुनीता ।
वार्ड 15 : सुमन चौहान
वार्ड 16 : अशोक कुमार पुत्र रामचंद्र, अशाेक कुमार पुत्र वजीर सिंह, इंदल सिंह, धनंजय वीर, पंकज सिंह, मुकेश सैनी, रूपा देवी और सुशील ।
वार्ड 17 : नरेंदर
वार्ड 18 : अंकुश, शादी लाल, सुरेंदर कुमार, हनुमान व हितेंदर अत्री
वार्ड 19 : देवेंदर, मंजीत और संजय।
वार्ड 20 : उर्मिला, नीतू, मोनिका, सुरेश देवी और सुषमा।
इन लोगों पर लगा आजीवन प्रतिबंध
नगर निगम के वार्ड 1 से सतीश कुमार व बिजेंदर, वार्ड 2 से राहुल, ज्योति व सन्नी, वार्ड 3 से अंगूरी देवी व ईश्वर सिंह, वार्ड 9 से वीरेंद्र सिंह व विनोद कुमार, वार्ड 13 से नवीन कुमार, सुरेंद्र व राजेंदर, वार्ड 16 से संदीप कुमार और वार्ड 19 से सुनीता के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया है। इन पर चुनाव खर्च की जानकारी गलत देने का आरोप है।
प्रतिदिन के खर्च का रखना होता है हिसाब
निगम चुनाव में प्रत्याशियों को प्रतिदिन के खर्चे का ब्योरा चुनाव कार्यालय में जमा कराना होता है। हर दिन की बिलों के साथ एक-एक कर डिटेल का पूरा खाका देना अनिवार्य है।