हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एक कर्मचारी ने शुक्रवार शाम को विशाल नगर काॅलोनी में रस्सी के फंदे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि प|ी के मायके से वापस नहीं आने से परेशान होकर कर्मचारी ने आत्महत्या की। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मूलरूप से जींद का गांव गांगौली निवासी 24 वर्षीय सुरेंद्र कई साल से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में चपरासी है। वह अपने छोटे भाई सोमबीर के साथ विशाल नगर में किराये के मकान में रहता है। सुरेंद्र कई दिनों से ऑफिस नहीं जा रहा था।
वह बार-बार अपने भाई और परिजनों से कह रहा था कि यदि उसकी प|ी मायके से घर नहीं आई तो वह आत्महत्या कर लेगा। मृतक के भाई सोमबीर ने बताया कि वह सुबह मजदूरी करने कारौर गांव में गया था। शाम को सुरेंद्र ने उसके मोबाइल पर फोन करके जल्दी कमरे पर बुलाया। जब सोमबीर ने कारण पूछा तो फोन काट दिया। कुछ देर बाद जब सोमबीर कमरे पर पहुंचा तो सुरेंद्र का शव छत में लगी कुंडी में बंधे फंदे से लटका था। इसके बाद उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को उतारकर कब्जे में लिया। पुलिस शनिवार को मृतक का पोस्टमार्टम करवाएगी।
सोमबीर ने बताया कि सुरेंद्र की शादी करीब पांच महीने पहले भिवानी के गांव सीसर खरवाला गांव की पिंकी के साथ हुई थी। दोनों के बीच कुछ दिन बाद ही विवाद हो गया। इस पर दस दिन बाद ही पिंकी मायके चली गई। सुरेंद्र ने कई बार उसे वापस लाने लाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं आई। सोमबीर का कहना है कि प|ी के वापस नहीं आने से सुरेंद्र तनाव में था। वह मामले का निपटारा करने के लिए पिछले सप्ताह ही पिंकी को लेने ससुराल गया था। यहां दिनभर बातचीत होने के बाद भी उसकी प|ी को वापस नहीं ला सका। कमरे पर आने के बाद से ही सुरेंद्र मानसिक तनाव में था। वह ऑफिस भी नहीं जा रहा था। सोमबीर का कहना है कि प|ी के घर नहीं आने से परेशान होकर सुरेंद्र ने आत्महत्या की है। मामले में अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी देवेंद्र ने बताया कि मृतक का उसकी प|ी से विवाद चल रहा था। वह मायके से वापस नहीं आई तो उसने यह कदम उठाया। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक. सुसाइड करने पर विलाप करते सुरेंद्र के परिजन।