जिले में जहां अाए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। वहीं रोहतक में रॉयल साइक्लिंग क्लब ने अच्छी पहल शुरू की है। ये जुलाई 2017 में ये क्लब शुरू हुआ था। जिसके साथ सैकडों की संख्या में लोग जुड़़े । इस क्लब की शुरूआत तत्कालीन एसपी पंकज नैन ने की थी। जिसको लेकर 20 साइकिल खरीदे गए थे। जिन पर हर रोज सुबह पुलिस के जवान साइकिलिंग करते है। इसके अलावा इस क्लब के साथ जिले के जज, डॉक्टर, टीचर समेत तमाम वर्ग के लोग जुड़ चुके है। साइकिलिंग के दौरान सभी हेलमेट का प्रयोग करते है। हर रोज 50 किलोमीटर के करीब साइकिलिंग करते है। ये लोग सुबह करीब पांच बजे साइकिलिंग करते है।
सेव फ्यूल सेव फ्यूचर मुहिम के तहत किया 25 हजार बच्चों को किया जागरूक
रायल क्लब के सदस्य अशोक गुलिया हर रोज करीब 60 किलोमीटर की दूरी तक साइकलिंग करते है। इसके अलावा वे अपने जिले समेत अन्य जिलों में भी स्कूली बच्चों को जागरूक कर चुके है। जिनमें भिवानी, चरखी दादरी, गोहाना, गुडगांव, झज्जर, पानीपत, चंडीगढ़ में साइकिल पर पहुंचा। हर जिले में एक स्कूल के बच्चों को साइकिलिंग के साथ जोड़ा है। अशोक गुलिया का दावा है कि वह करीब 25 हजार बच्चों को साइकलिंग के बारे में जागरूक कर चुका है। क्योंकि साइकिल ही एकमात्र ऐसा साधन है जिसके चलाने से पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और हादसे होने की गुंजाइश भी कम हो जाती है।
साइकिल लिस्ट दीपक छारा।
23 दिन में किया था 3400
किलोमीटर का सफर तय
रॉयल साइक्लिंग क्लब के सदस्य एवं पीजीआई में हाउस सर्जन डॉ. रोहित दहिया ने 23 नवंबर 2017 को जम्मू से साइक्लिंग की शुरूआत की थी। वे बिना गियर वाली साइकिल पर अपनी मंजिल की ओर रवाना हुए। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कई राज्यों का सफर किया। डा. दहिया ने 15 दिन 13 घंटे व 30 मिनट में अपना सफर पूरा किया। यह सफर 3400 किलोमीटर से अधिक का था। डॉ. दहिया ने पूणे के संतोष होली का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने 23 दिन में बिना गियर वाली वाली पर 23 दिन में सफर पूरा किया था। इस रिकॉर्ड को हासिल करने के लिए उन्होंने फरवरी 2017 से ही प्रेक्टिस शुरू कर दी थी। वे रोजाना 100 किलोमीटर से ज्यादा साइक्लिंग करते थे।
साइकिल लिस्ट अशोक गुलिया ।
सप्ताह में एक बार जाते हैं स्कूल में साइकिल पर
सेक्टर चार निवासी दीपक छारा गर्वमेंट स्कूल बेरी में टीचर है। दीपक हर रोज क्लब के सदस्यों के साथ करीब 50 किलोमीटर तक साइकलिंग करता है। इसके अलावा हर शनिवार को स्कूल में साइकिल पर जाता है। इसको लेकर छात्रों को भी जागरूक करता है। जिससे स्कूल में भी 20- 25 बच्चे साइकिल से ही आते है।