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9 माह बाद बैकफुट पर आई सरकार, सांपला में 323 एकड़ में बनेगा सेक्टर-6

3 वर्ष पहले
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सांपला में 2011 से अटके सेक्टर-6 की जमीन को लेकर कोर्ट के आदेशों के बाद आखिर भाजपा सरकार बैकफुट पर आ गई है। नौ महीने बाद अपने फैसले को वापस लेते हुए सेक्टर के प्लाटों को काटने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हाल ही में 21 मई को लगी कोर्ट में याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिए कि दो महीने के भीतर ही हुडा विभाग किसानों को उनकी मुआवजा राशि ब्याज सहित लौटाए। इसके बाद अगस्त के पहले सप्ताह में ही हुडा की ओर से सिर्फ एक याचिकाकर्ता किसान के खाते में ही करीब 2 करोड़ की मुआवजा राशि डाल दी है, जबकि अन्य किसान अभी भी हुडा विभाग का मुंह ताक रहे हैं। साफ तौर पर कोर्ट के दबाव में याचिकाकर्ता को ही शांत किया गया है। जबकि हुडा की ओर से मुख्य प्रशासक को सेक्टर ना काटने के लिए रुझान कम होने और आर्थिक तंगी के कारण गिनवाए गए थे। बता दें कि नवंबर 2017 में सांपला में पहले रिहायशी सेक्टर बनने के मामले को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था।

सांपला में नेशनल हाईवे के पास ही

आबाद होगा सेक्टर 6

अब हुडा की ओर से यहां करीब 323 एकड़ जमीन में सेक्टर-6 को आबाद किया जाएगा। सांपला की करीब 22 हजार आबादी है और यहां से दिल्ली, रोहतक, बहादुरगढ़, झज्जर, सोनीपत समेत कई शहरों की ओर लोग रुख करते हैं। सेक्टर 6 को रोहद टोल से पहले बांई ओर नेशनल हाईवे के साथ लगती जमीन पर विकसित किया जाएगा। इससे इलाके में लोगों को बेहतर आवासीय क्षेत्र मिलेगा, वही जमीन के भाव में भी इजाफा होगा। तमाम औपचारिकताओं को पूरा करते हुए सेक्टर बनाने के निर्णय पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद सेक्टर को विकसित करने का कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए हुडा के कार्यालय की ओर से तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। जल्द ही यहां 4, 6, 8, 10, 14 मरले के प्लाट काटे जाएंगे। साथ ही शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी विकसित किए जाएंगे।

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4 नंवबर 2017 को प्रकाशित खबर।

कांग्रेस के समय से अटका था सेक्टर

सांपला में सेक्टर बनाने की मांग सबसे पहले कांग्रेस की सरकार के समय साल 2008 में उठी थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार इसकी औपचारिकताओं और पेचीदगियों के कारण लोगों को सेक्टर बनाकर नहीं दे पाई थी। मुआवजे और अधिग्रहण में पेंच फंसने के कारण मामला अटका रहा। राज्य की भाजपा सरकार ने लोगों की मांग को गंभीरता से सुना और इसे पूरा कर दिया।

लटकता चला गया मामला

किसानों की 2011 में 322.32 एकड़ जमीन लेने पर फैसला किया गया। 30 जून 2011 को सेक्शन चार की प्रक्रिया शुरू कर जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया। 29 जून 2012 को सेक्शन-6 के नोटिस जारी कर दिए गए। किसान ओमप्रकाश व अन्य ने 21 फरवरी 2014 को जनहित याचिका लगाकर अवॉर्ड घोषित करने पर स्टे लिया। 13 अक्टूबर 2015 को हाईकोर्ट ने अवॉर्ड घोषणा को नियमों के तहत ही माना। सेक्शन-8 से पूर्व इस कुल जमीन में से 3 एकड़ की सीएलयू करवाकर अलग निकाल दी गई।

सांपला सेक्टर 6

प्रोजेक्ट

319.39 एकड़ कुल जमीन

287.89 एकड़ सांपला की जमीन

25 रुपए लाख एकड़ औसत जमीन की कीमत आंकी

31.50 एकड़ खेड़ी सांपला की

1.98 रुपए करोड़ प्रति एकड़ मांग किसानों की

75 रुपए लाख का है कलेक्टर रेट

सांपला रैली में किया था वादा

सांपला के लोगों ने मुख्यमंत्री की गढ़ी-सांपला-किलोई विधानसभा की सांपला में हुई रैली के समय सेक्टर बनाने की मांग रखी थी, जिस पर प्रदेश सरकार की ओर से विचार-विमर्श करते हुए यहां सेक्टर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। सांपला और इसके आसपास रहने वाले लोगों को फायदा होगा। - मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री।

सरकार नहीं मानी, कोर्ट से मिली जीत : सांपला के 60 वर्षीय किसान बदलू राम मलिक व अन्य की ओर से हाईकोर्ट में केस डाला गया कि अवॉर्ड घोषित होने पर भी किसानों को पैसा नहीं मिल पा रहा। 6 दिसंबर 2016 को डबल बेंच ने फैसला सुनाया कि किसानों को दो महीने में ब्याज सहित पूरी राशि मुहैया करवाई जाए। 10 महीने बाद भी अमल नहीं किया गया। 21 मई को हाईकोर्ट ने शपथ-पत्र लिए और जवाब दिया कि किसानों की पेमेंट कर दी जाएगी। 25 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से राशि दी गई है। अब ब्याज न मिलने पर कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

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