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विजयंता टैंक मांग रहा अपना गौरव

3 वर्ष पहले
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पूर्व सैनिक का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को डीसी व नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर से मिले। पूर्व सैनिकों ने कारगिल विजय द्वारा के पुर्ननिर्माण और पुराने विजयंता टैंक को सम्मान के साथ सार्वजनिक स्थल पर रखने की मांग की।

पूर्व सैनिक कैप्टन जगवीर मलिक ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल से पहले डीसी डॉ. यश गर्ग से मुलाकात की। पूर्व सैनिकों ने डीसी से मांग की कि राजीव गांधी खेल परिसर में खराब हालत में पड़े विजयंता टैंक को सम्मान के साथ दोबारा तैयार करवाया जाए। टैंक को तैयार करने के बाद दिल्ली बाइपास या हुडा सिटी पार्क जैसे सार्वजनिक स्थान पर रखा जाए। इस पर डीसी ने कहा कि टैंक के संबंध में हिसार सेना छावनी के अधिकारियों से बात हुई थी। टैंक को हिसार कैंट में भेजकर उसके पुर्जे व अन्य मरम्मत की जाएगी। इसके बाद टैंक को सार्वजनिक स्थल पर रखा जाएगा।

पूर्व सैनिक डीसी और नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर से मिले, विजय द्वार के पुनर्निर्माण व विजयंता टैंक को सार्वजनिक स्थल पर रखने की मांग

हिसार कैंट में करवाएंगे विजयंता टैंक की मरम्मत

रोहतक। नगर निगम के संयुक्त सचिव रविंद्र कुमार को विजयंता टैंक व विजय द्वार के लिए ज्ञापन देते पूर्व सैनिक।

विजय द्वार का नया डिजाइन बनवाने का दिया आश्वासन

इसके बाद पूर्व सैनिकों ने नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर रविंद्र मलिक से बात की। पूर्व सैनिकों ने कहा कि 1999 में कारगिल युद्ध के बाद जिले के शहीदों की याद में शांतमई चौक पर काले ग्रेनाइट पत्थर का विजय द्वार बनाया गया था। इस द्वार पर शहीदों के नाम व काम को अंकित किया गया था। करीब छह साल पहले सड़क चौड़ी करने को लेकर द्वार को तोड़ दिया गया था। तब जिला व नगर निगम प्रशासन ने उच्च कोटि के विजय द्वारा का निर्माण करने का आश्वासन दिया था। मगर अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। सैनिकों ने शहीद द्वार का समय सीमा के तहत निर्माण दोबारा करने की मांग की। एसपी ने जल्द से द्वार का डिजाइन बनवाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर रिटायर्ड ज्वाइंट निदेशक शिक्षा विभाग राजेंद्र सिंह धनखड़, आरएस बूरा, संतराम, देवेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, राम कुमार, प्रताप सिं,ह सतपाल सिंह, जयदेव सिंह, नरेश कुमार नांदल, राजेश और अरूण कुमार सहित अन्य पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

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