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90 % अफसर सरकारी स्कूलों में पढ़े : डीसी

3 वर्ष पहले
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भावी पीढ़ी का जीवन सुखमय हो और सरकारी स्कूलों का वर्चस्व दोबारा से कायम हो, इसके लिए शिक्षकों को बेहतर कार्य करना चाहिए। इसी से समाज में बदलाव आएगा। यह बात मुख्यातिथि डीसी डॉ. यश गर्ग ने कही। वे शुक्रवार को जिला विकास भवन में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत हुए जिलास्तरीय सम्मान समारोह में बोल रहे थे। खेल और शिक्षा में जिले का नाम रोशन करने वाली बेटियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि आज समाज की सोच बदलने की आवश्यकता है। बेटियों के बलबूते समाज को नई दिशा दिखाने का कार्य केवल शिक्षक ही कर सकता है। मौजूदा दौर में 90 फीसदी उच्च अधिकारी सरकारी स्कूलों से ही पढ़े हैं। इस अभियान के तहत जिले का लिंगानुपात 820 से बढ़कर 920 जरूर हुआ है, लेकिन आज भी बेटियों को कोख में ही मारा जा रहा है।

सम्मान समारोह में डीसी ने बेटियों को किया सम्मानित

राेहतक. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत हुए कार्यक्रम में बेटियों को सम्मानित करते डीसी डॉ. यश गर्ग।

10 स्कूलों को दी प्रोत्साहन राशि : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन खिलाड़ियों को 1150 रुपए, राष्ट्रीय स्तर पर 12 पदक जीतने वाली बेटियों को 800 रुपए के साथ 38 राज्यस्तरीय विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा गांव रूड़की, बालंद, सांपला, हसनगढ़, घरौठी, बैंसी, काहनौर, कलानौर, मोखरा और भैणी चंद्रपाल सहित 10 विद्यालयों को 10-10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। गांव बलियाणा और भैणी भैरों को जिला मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना के तहत पुरस्कृत किया गया।

प्रत्येक स्कूल में होगा काउंसलर: इस दौरान दिशा नामक बुकलेट का भी विमोचन किया। इस बुकलेट में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिये गाइडलाइन तैयार की गई है। इसके लिए जिले के प्रत्येक स्कूल में काउंसलर के रूप में शिक्षक को नियुक्त किया जाएगा। शैक्षणिक क्षेत्र में 85 फीसदी से अधिक लेने वाली छात्राएं, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में अव्वल आने वाली छात्राओं को करीब 1 लाख रुपए की राशि दी गई। इस अवसर पर एडीसी अजय कुमार, एसडीएम राकेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता रूहिल, डीईईओ रामेश्वरी हुड्डा आिद मौजूद थे।

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