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पीजीआई के जच्चा बच्चा वार्ड की बदलेगी सूरत, भवन का होगा विस्तार

3 वर्ष पहले
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पीजीआई के जच्चा बच्चा वार्ड में जल्द ही बेड की संख्या में इजाफा किया जाएगा। इसके अलावा भवन का भी विस्तार किया जाएगा। इस संबंध में पीजीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक की है। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। पीजीआई के वार्ड नंबर दो में ही जच्चा बच्चा केन्द्र है। यहां पर फिलहाल बेड की संख्या करीब 90 है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार वार्ड में प्रतिदिन तीस डिलीवरी करने का लक्ष्य है। हेल्थ विवि के वीसी डॉ ओपी कालरा ने बताया कि जच्चा बच्चा वार्ड में प्रतिदिन गाइडलाइन से ज्यादा डिलीवरी की जाती है। ज्यादा डिलीवरी होने के कारण वार्ड में जच्चा बच्चा की संख्या बढ़ जाती है। इस कारण बेड कम पड़ जाते है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए पूरे लेबर रूम को दोबारा से बनाने पर विचार किया गया है। साथ ही बेड की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की जाएगी। ताकि जच्चा बच्चा को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रोहतक. पीजीआई के लेबर रूम के बाहर बैठी महिलाएं और गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड।

मदर एंड चाइल्ड केयर

की ओटी भी शुरू

प्रसुताओं की सुविधाओं के लिए पीजीआई में मदर एंड चाइल्ड केयर का ऑपरेशन थियेटर भी शुरू हो गया है। अब प्रसूता को गंभीर ऑपरेशन करने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले प्रसूता विभाग के पास ऑपरेशन थियेटर में एक ही टेबल थी। इस कारण एक से ज्यादा महिलाओं का ऑपरेशन करने में परेशानी होती थी। मदर एंड चाइल्ड केयर की ओटी में तीन टेबल है। अब विभाग के पास ऑपरेशन करने के लिए चार टेबल हो गई है।

अब एक बेड पर दो प्रसूता

को नहीं रखना पड़ेगा

जच्चा बच्चा की संख्या बढ़ने से वार्ड में कभी कभी एक बेड पर दो महिलाओं को रखना पड़ता था। ऐसे में न तो जच्चा को आराम मिलता था और न ही बच्चे को। बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण कभी कभी प्रसूता के परिजनों और डॉक्टरों के बीच भी कहासुनी हो जाती थी। पर्याप्त बेड होने के बाद यह समस्या भी दूर हो जाएगी। बता दें कि पीजीआई में डिलीवरी कराने के लिए जिलेभर से चालीस से पचास महिलाएं आती हंै।

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